जहरीली शराब पीने से दो और लोगों की मौत हो गई है। एटा में अब तक 36 लोगों की मौत जहरीली शराब पीने से हो चुकी है। छह फर्रुखाबाद जिले में दम तोड़ चुके हैं। अब तक 42 की मौत हो चुकी है। मंगलवार को प्रदेश के आबकारी राज्यमंत्री रामकरन आर्य ने अलीगंज पहुंचकर मृतकों के परिवारीजनों को ढांढस बंधाया और मुख्यमंत्री से मिलकर आर्थिक मदद की राशि बढ़वाने का आश्वासन दिया।
सोमवार को जैथरा थाना अंतर्गत मारहाला गांव निवासी रामविलास (58) ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। रामविलास ने 17 जुलाई को जहरीली शराब पी थी और हालत बिगड़ने पर उन्हें सैफई में भर्ती कराया गया था। वहीं उनकी मौत हुई। उधर, अलीगंज क्षेत्र के गांव मोहम्मद नगर बझेड़ा पूर्व सिपाही महेश ने भी दम तोड़ दिया।
पूर्व प्रधान पप्पू ने बताया कि महेश ने रविवार को जहरीली शराब पी थी। हालत बिगड़ने के बाद उनका घर पर ही इलाज चल रहा था। मंगलवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। महेश ने नौकरी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी।
आबकारी राज्यमंत्री रामकरन आर्य मृतकों के परिवारीजनों से मिलने के बाद लोगों से शराब न पीने की अपील की तो वहां मौजूद एक युवक गुस्से में बोला, फिर शराब बिकवाते क्यों हों। युवक के सवाल पर आबकारी राज्यमंत्री चुप्पी साध गए। विरोधी दलों के स्थानीय विधायक पर शराब माफिया को संरक्षण देने के आरोप बोले कि सरकार और सपा कार्यकर्ताओं पर हमले करना विरोधियों का काम है।