मुंबई में रविवार शाम अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी की गई। इस हमले में टाइगर बाल-बाल बच गए। हालांकि, उनका ड्राइवर घायल हो गया और फिलहाल अस्पताल में भर्ती है। टाइगर को भी हल्की चोटें आई हैं। इस बीच महाराष्ट्र में विपक्षी दलों ने राज्य की भाजपा सरकार को घेरा है और फडणवीस सरकार में 'जंगलराज' चलने का आरोप लगाया। दूसरी ओर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि हमलावरों के आका कहीं भी हों, छोड़ेंगे नहीं। उन्होंने कहा कि मास्टरमाइंड महाराष्ट्र के बाहर या विदेश से ऑपरेट कर रहे हैं, जिन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र के भीतर सक्रिय आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि बाकी आरोपी राज्य के बाहर या देश से बाहर रहकर काम कर रहे हैं।
गौरतलब है कि मुंबई में बीते कुछ महीनें में लगातार माफियाओं की तरफ से बॉलीवुड सिलेब्रिटीज को निशाना बनाने की कोशिशों से जुड़ी खबरें सामने आ रही हैं। ताजा मामलों को देखें तो सलमान खान से लेकर रोहित शेट्टी और अब टाइगर श्रॉफ तक गैंगस्टरों के निशाने पर आए हैं। इन सभी हमलों में जो एक नाम केंद्र बिंदु में रहा है, वह है लॉरेंस बिश्नोई। इन सभी हमलों में किसी न किसी तरह लॉरेंस या उसके गैंग के लोगों का नाम जरूर जुड़ा है। वह भी तब जब लॉरेंस बिश्नोई खुद गुजरात की साबरमती सेंट्रल जेल में बंद है और उसे हाई-सिक्योरिटी बैरक में बंद रखा गया है।
ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर जेल की उच्च-सुरक्षा में बंद होने के बावजूद लॉरेंस बिश्नोई का गैंग कैसे चल रहा है? यह गैंग मौजूदा समय में कितना बड़ा है और इस स्तर तक पहुंचा कैसे? इसे चलाने वाले चेहरे कौन-कौन से हैं? इनकी कुंडली क्या है? किस सेलिब्रिटी पर हमले की कोशिश में किस सरगना का हाथ होने की बात सामने आई है? आइये जानते हैं...
जेल की उच्च-सुरक्षा में बंद होने के बावजूद लॉरेंस बिश्नोई का गैंग कैसे चल रहा है?
- साबरमती सेंट्रल जेल में रहने के बावजूद लॉरेंस बिश्नोई के पास से अवैध मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। माना जाता है कि वह जेल के अंदर से ही अलग-अलग तरीकों से अपने गुर्गों को निर्देश जारी करता रहा। इसके बाद से पुलिस ने उसे उच्च सुरक्षा वाले सेल में रखा है।
- जेल के बाहर गिरोह का काम संभालने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोगियों का नेटवर्क फैला हुआ है। शुरुआत में इन गिरोहों को उसका छोटा भाई अनमोल बिश्नोई और करीबी दोस्त गोल्डी बराड़ चलाता था। हालांकि, अनमोल की गिरफ्तारी के बाद भारत वापसी और गोल्डी बराड़ से हुए अलगाव के बाद अब नए चेहरे लॉरेंस के अपराध नेटवर्क को संभाल रहे हैं।
लॉरेंस बिश्नोई
- फोटो : Amar Ujala
कितना बड़ा है लॉरेंस बिश्नोई का गैंग, इतना बड़ा कैसे हुआ?
भारत में आतंकवाद और संगठन से जुड़ी हिंसा की जांच कर रही नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए), कनाडा की खुफिया एजेंसी- सीबीएसए और अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) की रिपोर्ट्स के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई का नेटवर्क एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक सिंडिकेट में बदल चुका है।
कितना बड़ा है यह नेटवर्क?
- एनआईए की चार्जशीट के अनुसार, बिश्नोई गैंग का जाल भारत के 11 से ज्यादा राज्यों- पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, बिहार और झारखंड में फैला है।लॉरेंस के जेल में बंद होने के बावजूद एक समय पर उसके गैंग के पास भारत भर में लगभग 700 शूटर्स का नेटवर्क बताया गया था। इनकी भर्ती उसके विदेश में बैठे सहयोगियों की तरफ से की जा रही थी।यह गैंग भारत के अलावा अमेरिका, कनाडा, यूरोपीय देश, जैसे- स्पेन, जर्मनी; पश्चिम एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया- नेपाल/चीन) तक अपने पैर पसार चुका है।
- एनआईए ने अपने आरोप पत्र में बिश्नोई सिंडिकेट की पहुंच और नेटवर्क की तुलना 1990 के दशक में दाऊद इब्राहिम के अंडरवर्ल्ड मॉडल 'डी-कंपनी' से की है।
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लॉरेंस गैंग के प्रमुख चेहरे।
- फोटो : अमर उजाला
बिश्नोई गैंग का नेटवर्क इतना बड़ा कैसे बना?
- लॉरेंस बिश्नोई 2015 से जेल में बंद होने के बावजूद अवैध मोबाइल फोन, एंक्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स (जैसे सिग्नल), वीपीएन और वर्चुअल नंबरों (वीओआईपी) के जरिए देश-विदेश के गुर्गों को सीधे निर्देश देता रहा है।
- एनआईए ने अपनी चार्जशीट में बताया था कि 2015 के बरगाड़ी आंदोलन और 2016 के नाभा जेल ब्रेक के दौरान गैंग का संपर्क खालिस्तान समर्थकों से हुआ। गैंग ने उन्हें शूटर और जरूरी मदद मुहैया कराई। इसके बदले गैंग को अत्याधुनिक विदेशी हथियार और अंतरराष्ट्रीय फंडिंग हासिल हुई।
- गैंग के मुख्य सरगनाओं, जैसे- गोल्डी बराड़ ने स्टूडेंट वीजा और वर्क परमिट का सहारा लेकर कनाडा, अमेरिका में प्रवेश किया और वहां बैठकर सिंडिकेट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलाया। यह गैंग सोशल मीडिया के जरिए आपराधिक जीवनशैली का प्रचार करके युवाओं को आकर्षित करता है।
- वारदात को अंजाम देने के लिए विदेशी हैंडलर सीधे सामने न आकर स्थानीय बेरोजगार युवाओं को पैसे और नाम कमाने का लालच देकर खुले ठेकेदारों या स्थानीय गैंग्स का इस्तेमाल करते हैं।
- बॉलीवुड अभिनेताओं, गायकों, बिल्डरों और कारोबारियों से वसूली गई रंगदारी की रकम को अमेरिका, कनाडा, थाईलैंड और ऑस्ट्रेलिया में ट्रांसफर किया जाता है, जिससे गैंग के विदेशी नेटवर्क को आर्थिक मजबूती मिलती है।
कौन-कौन बना लॉरेंस गैंग का चेहरा, इनकी पहचान क्या?
लॉरेंस और उसके भाई अनमोल बिश्नोई के जेल में होने के बाद उसके गैंग की कमान मुख्य रूप से विदेश में बैठे नए ऑपरेटरों के हाथों में आ गई है। इनमें मुख्यतः पांच नाम सबसे ज्यादा चर्चित हैं....
1. शुभम लोनकर
शुभम महाराष्ट्र के अकोला जिले का रहने वाला है। बताया जाता है कि वह पहले भारतीय सेना में भर्ती होना चाहता था, लेकिन परीक्षा में असफल होने के बाद बिश्नोई गैंग के संपर्क में आया। इसने नेपाल और अजरबैजान में हथियारों का प्रशिक्षण लिया। भारत से भागने से पहले यह पुणे में अपने भाई के साथ डेयरी दुकान चलाता था। अनमोल बिश्नोई की गिरफ्तारी के बाद यह गैंग के मुख्य ऑपरेटर के रूप में उभरा है और चीन या दक्षिण-पूर्व एशिया से नेटवर्क चला रहा है।
2. हरि चंद जाट उर्फ हैरी बॉक्सर
हैरी बॉक्सर का असली नाम हरिचंद जाट है और यह राजस्थान के अलवर में कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बानसूर का रहने वाला है। यह एक किसान परिवार से आता है और जयपुर में बॉक्सिंग कोच रह चुका है। इस वजह से उसका नाम बॉक्सर पड़ गया। भारतीय सेना और पुलिस भर्ती की तैयारी के दौरान अपराध की दुनिया में उतरा। अपराध में कदम रखने पर परिजनों ने इसे बेदखल कर दिया था। यह 2022 में यह फरार होकर यह अमेरिका पहुंच चुका था, तब से वहीं से गैंग चला रहा है।
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लॉरेंस के तीन करीबी नाम, जो चलाते हैं गैंग।
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3. गोल्डी ढिल्लों
इसका असली नाम गुरप्रीत सिंह है और यह पंजाब के राजपुरा का निवासी है। यह लंबे समय से कनाडा में रह रहा है और लॉरेंस गैंग के हथियारों की आपूर्ति का काम संभालता है।
4. आरजू बिश्नोई
इसका असली नाम नवीन कुमार है और यह पंजाब के फजिल्का जिले में आने वाले अबोहर के पास राजनवाली गांव का रहने वाला है। यह लॉरेंस बिश्नोई का पुराना व भरोसेमंद सहयोगी बताया जाता है।
5. अनिल पंडित
मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी के पास हुई फायरिंग के मामले में अनिल पंडित का नाम बिश्नोई गैंग से जुड़े नए सहयोगियों के रूप में सामने आया है। हरियाणा के पानीपत का रहने वाला अनिल पंडित साल 2024 में 'डंकी रूट' यानी अवैध तरीके से अमेरिका पहुंचा था। सूत्रों के मुताबिक, भारत छोड़ने से पहले उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था। अमेरिका पहुंचने के बाद वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ गया और करीब आठ महीने पहले उसने गैंग के एक अन्य सदस्य रणदीप मलिक की जगह यह जिम्मेदारी संभाली, जिसके बाद उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हुए। अनिल के नेटवर्क की बात करें तो वह सीधे लॉरेंस बिश्नोई के संपर्क में नहीं है, बल्कि उसे हरि चंद जाट उर्फ हैरी बॉक्सर से निर्देश मिलते हैं।
6. हरमन संधू
हरमन संधू का असली नाम हरमनवीर सिंह है। लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ा एक प्रमुख संदिग्ध और सहयोगी है। वह अमेरिका में स्थित रविंदर सिंह ढांडा सिंडिकेट का हिस्सा है, जो लॉरेंस बिश्नोई गैंग के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपराधिक गतिविधियों को संचालित करता है। भारतीय और अमेरिकी जांच एजेंसियों के अनुसार, हरमन संधू बिश्नोई गैंग के लिए टारगेट (निशाने) की पहचान करने, शूटर्स का समन्वय करने, हथियारों की व्यवस्था करने और गैंग के संचार नेटवर्क को संचालित करने का काम संभालता रहा है।
किस सेलिब्रिटी पर हमले की कोशिश में किस सरगना का हाथ होने की बात सामने आई है?
1. शुभम लोनकर
बाबा सिद्दीकी हत्याकांड (2024): इसने अपनी डेयरी के पास काम करने वाले युवाओं को 'देशभक्ति' के नाम पर भड़काया और बाबा सिद्दीकी की हत्या के लिए शूटर्स तैयार किए।
रोहित शेट्टी के घर फायरिंग (2026): मुंबई में फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई गोलीबारी की साजिश रची।
अन्य मामले: सलमान खान फायरिंग केस में आरोपी, महाराष्ट्र के विधायक साजिद पठान को जान से मारने की धमकी और पंजाब के कपड़ा कारोबारी संजय वर्मा की हत्या में शामिल।
2. हैरी बॉक्सर
बॉलीवुड हस्तियों से रंगदारी: अभिनेता रणवीर सिंह से 20 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी और निर्देशक रोहित शेट्टी को धमकियां दीं।
कपिल शर्मा के कैफे पर हमला: कनाडा में कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे 'कैप कैफे' पर गोलीबारी करवाई। इसके पीछे तब कपिल के सलमान खान को अपने शो में बुलाने को वजह बताया गया था।
गायक गुरु रंधावा व अन्य हमले: दिल्ली में गायक गुरु रंधावा के जिम के बाहर गोलीबारी और हांसी (हरियाणा) में जिम ट्रेनर कपिल रेढू की हत्या की जिम्मेदारी ली।
अन्य मामले: दिल्ली में कारोबारियों से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने समेत राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में लूट, हत्या के प्रयास, रंगदारी और सेवानिवृत्त आईएएस व पुलिस अधिकारियों पर हमले के 20 से अधिक मामले दर्ज हैं।
लॉरेंस के निशाने पर कौन-कौन आया?
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3. गोल्डी ढिल्लों
जानकी दास हत्याकांड: चंडीगढ़ सेक्टर 11 में श्री कुमार मेडिकल हॉल के कैशियर जानकी दास की दिनदहाड़े हत्या का मुख्य साजिशकर्ता।
अंतरराष्ट्रीय वसूली और हत्याएं: कनाडाई खुफिया रिपोर्ट (सीबीएसए) के अनुसार यह गैंग का 'सब-कॉन्ट्रैक्टर' है। इसने कनाडा ब्रैम्पटन में कारोबारी जसवीर ढेसी के घर पर फायरिंग, एबॉट्सफोर्ड में कपड़ा कारोबारी दर्शन सिंह साहसी की हत्या और पटियाला में ऑफिस पर गोलीबारी की जिम्मेदारी ली है।
4. आरजू बिश्नोई
हथियार तस्करी व धमकियां: विदेश में बैठकर भारत में अवैध हथियारों की तस्करी और वसूली का सिंडिकेट चलाता है।
रोहित शेट्टी फायरिंग व बी प्राक से रंगदारी: रोहित शेट्टी के घर फायरिंग की साजिश में नाम शामिल रहा और पंजाबी गायक बी प्राक से वसूली की धमकी दी।
5. अनिल पंडित
बताया जाता है कि अनिल पंडित ने अमेरिका पहुंचने के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग का दामन थाम लिया और करीब आठ महीने पहले गैंग के एक अन्य सदस्य रणदीप मलिक की जगह जिम्मेदारी संभाली है, जिसके बाद उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हुए। अनिल के नेटवर्क की बात करें तो वह सीधे लॉरेंस बिश्नोई के संपर्क में नहीं है, बल्कि उसे हरि चंद जाट उर्फ हैरी बॉक्सर से निर्देश मिलते हैं। टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली और इसे सलमान खान के साथ काम न करने की चेतावनी बताया।
6. हरमन संधू
रोहित शेट्टी के घर फायरिंग: निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई गोलीबारी की जिम्मेदारी लेने वाले सोशल मीडिया पोस्ट में भी शुभम लोनकर, आरजू बिश्नोई और हैरी बॉक्सर के साथ हरमन संधू का नाम गैंग की एकजुटता दिखाने के लिए शामिल किया गया था।
टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामला: मुंबई के जुहू में टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर हुई गोलीबारी के बाद अनिल पंडित की ओर से जारी संदेशों में हरमन संधू का नाम जिम्मेदारी लेने वाले सहयोगी के रूप में सामने आया। जांच एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि अमेरिकी पुलिस की हिरासत में होने के बावजूद इस हमले से उसका नाम कैसे जुड़ा।