जाली दस्तावेज बनाने और लोगों को अवैध रूप से अमेरिका भेजने के आरोप में एक 42 वर्षीय टिकट एजेंट को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान अहमदाबाद निवासी विशाल बमराते के रूप में हुई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मामले में चार यात्रियों को भी गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि सात जुलाई को दर्ज एक मामले के अनुसार, गुजरात के चार लोगों हर्षद कुमार महेंद्र भाई पटेल, जतिन कनुभाई नई, दीक्षितकुमार मुकेशभाई पटेल और हितेश कुमार रोहित कुमार त्रिवेदी को तुर्की ने प्रत्यर्पित किया था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इसके बाद इस मामले की जांच की गई जिसमें पता चला कि उनके निर्वासन का कारण फर्जी दस्तावेज थे। इसके बाद जब इन चारों यात्रियों से पूछताछ की गई तो इन लोगों ने बताया कि वे अपने उज्जवल भविष्य के लिए अमेरिका जाना चाहते थे। इस दौरान वे लोग विशाल बमराते के संपर्क में आए। विशाल ने उनके लिए नकली सीडीसी का जुगाड़ किया।
जिसके बाद इन यात्रियों ने फर्जी प्रमाणपत्रों के साथ अहमदाबाद से दुबई और फिर ईरान की यात्रा की। ईरान से ये लोग तुर्की गए जहां उन्हें पकड़ लिया गया और निर्वासित कर दिया गया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले में गिरफ्तार किया गया एजेंट व्हाट्सएप का उपयोग करने और अपने ग्राहकों से संपर्क करने के लिए अंतरराष्ट्रीय नंबरों का उपयोग करके उनसे जानकारी लेता था। पुलिस उपायुक्त (हवाई अड्डा) तनु शर्मा ने बताया कि जांच में पता चला कि वो अहमदाबाद में है, जहां से उसे 11 अगस्त को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बताया कि उसका व्यवसाय कोरोना के कारण बुरी तरह प्रभावित हुआ था। उसने घाटे की भरपाई के लिए दुबई स्थित एजेंट रूपेश पटेल के साथ मिलकर लोगों को अवैध रूप से अमेरिका भेजना शुरु किया। पुलिस उपायुक्त (हवाई अड्डा) तनु शर्मा ने बताया कि बमराते लगातार रूपेश के संपर्क में था और बाद में उसने यात्रियों को दुबई भेजना शुरू कर दिया, जहां से रूपेश, जाली दस्तावेजों के आधार पर अपने सहयोगियों के माध्यम से उनकी आगे की यात्रा की व्यवस्था करता था।