महाराष्ट्र के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता चंद्रकांत पाटिल पर स्याही से हमला करने की धमकी देने के आरोप में दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। स्याही से हमले की धमकी चंद्रकांत को सोशल मीडिया पर दी गई थी। उधर, चंद्रकांत पाटिल ने पुणे में एक कार्यक्रम के दौरान शनिवार को फेस शील्ड पहने नजर आए।
इस मामले में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सदस्य विकास और दशरथ पाटिल के खिलाफ सांगवी पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पाटिल के पवननाथडी जात्रा के दौरे के दौरान उनपर स्याही फेंकने की धमकी देने के आरोप में दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उधर, कोथरुड पुलिस ने भी सोशल मीडिया पर पाटिल के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में एक के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पाटिल ने स्याही फेंकने को बताया सुनियोजित हमला
बता दें कि शनिवार को पाटिल पर स्याही फेंकी गई थी, जो उनके इस बयान के विरोध में था कि बीआर अंबेडकर और समाज सुधारक ज्योतिबा फुले ने शैक्षणिक संस्थान चलाने के लिए सरकारी अनुदान नहीं मांगा था। पाटिल, जो राज्य के उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री हैं, ने भीख शब्द के इस्तेमाल से विवाद खड़ा कर दिया, जिससे स्याही का हमला हुआ। घटना के बाद पुलिस ने सुरक्षा में चूक के आरोप में तीन अधिकारियों समेत 10 कर्मियों को निलंबित कर दिया। पाटिल ने कहा कि स्याही उन पर सुनियोजित हमले के तहत फेंकी गई और दावा किया कि अंबेडकर और फुले पर उनके बयान को कुछ लोगों ने तोड़-मरोड़ कर पेश किया। इस बीच, पुणे पुलिस ने एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है जिसने रविवार देर रात पुणे के कोथरुड इलाके में पाटिल के आवास के बाहर खड़े होकर उनके बयान की निंदा करते हुए वीडियो रिकॉर्ड किया था।