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आरबीआई का यह नियम बदल देगा पेमेंट का तरीका, छोटी दुकान से लेकर कॉलेज कैंपस भी होंगे जद में

Mon, 27 Jun 2016 03:38 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारतीय रिजर्व बैंक एक ऐसा नियम बना रही है जिसके तहत कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा मिलेगा। इस नए नियम के जरिए आप छोटी दुकान से लेकर हॉस्पिटल, बस, सरकारी ऑफिस आदि हर जगह कार्ड से पेमेंट कर सकेंगे।
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आरबीआई इसके लिए देश के छोटे शहरों और कस्बों में में इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का प्लान है। आरबीआई ने 2018 के लिए एक विजन तैयार किया है। पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम इन इंडिया 2018 के विजन प्लान के तहत आरबीआई कैशलेस ट्रांजेक्शन के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रहा है।

आरबीआई के अनुसार अभी इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है। उसके अनुसार कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए छोटी दुकान से लेकर हॉस्पिटल, बस, सरकारी ऑफिस सब को शामिल किया जाएगा। इसके तहत इन सभी लोकेशन पर कार्ड से पेमेंट का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।
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जिसमें एटीएम से लेकर पीओएस मशीन के इन्साटलेशन पर फोकस होगा।
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मौजूदा नियमों से जैसी उम्मीद थी वैसा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार नहीं हो पायाः आरबीआई

आरबीआई का मनना है कि मौजूदा नियम के तहत टारगेट को पूरा करना मुश्किल है। ऐसे में पेमेंट एंड सेटलमेंट सर्विसेज के लिए नियमों को आसान किया जाएगा। नए नियम ट्रांजेक्शन चार्ज में कमी लाने से लेकर ऑपरेशनल कॉस्ट में कमी लाने पर जोर रहेगा।

आप को बता दें कि आरबीआई इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने के लिए व्हाइट लेवल एटीएम के नियम भी आसान करने पर विचार कर रहा है। आरबीआई के मुताबिक मौजूदा नियमों से जैसी उम्मीद थी वैसा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार नहीं हो पाया है।

ऐसे में नए नियम के मुताबिक कंपनियों को व्हाइट लेवल एटीएम लगाना आसान होगा। इसमें टियर-2, टियर-3 और कस्बों में व्हाइट लेवल एटीएम लगाने पर इन्सेंटिंव भी मिल सकता है। खबर के मुताबिक नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया खास तौर पर तीन से चार प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है।

इसके तहत कैशलेस कैंपस, डिजिटल गांव, कैशलेस कॉलेज एडमिशन प्रोसेस जैसे प्रोजेक्ट्स को बैंकों के साथ शुरू किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए पहले गांवों को पूरी तरह डिजिटल करना होगा। 

Published by- Amit Kumar
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