भारत में प्रधानमंत्री से लेकर मंत्री और नेता भले ही लगातार कॉरपोरेट धोखाधड़ी को कम करने का दावा कर रहे हों लेकिन एक अमरीकी संस्था क्रॉल इंक की ओर से दुनिया भर में कराए गए सर्वेक्षण में पता चला है कि भारत में होने वाली कॉरपोरेट धोखाधड़ी में भ्रष्टाचार और घूस का हिस्सा 25 फीसद से अधिक है।
क्रॉल और इकॉनामिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट की ओर से कराए गए इस संयुक्त सर्वेक्षण में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियों में काम करने वाले दुनियाभर के 768 एग्जक्यूटिव ने हिस्सा लिया।
यह सर्वेक्षण साल 2015 से मार्च 2016 के दौरान किया गया। सर्वेक्षण में शामिल तीन चौथाई लोगों ने पिछले साल अपनी कंपनियों में धोखाधड़ी का सामना करने की बात स्वीकार की। वहीं भारत में ऐसे लोगों की संख्या 80 फीसद थी।