नार्को कोआर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की तीसरी शीर्ष स्तरीय बैठक सोमवार को दिल्ली में हुई। इसकी अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की। बैठक में ड्रग-तस्करी से संबंधित मुद्दों और उनके समाधान पर चर्चा हुई।
बैठक में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, आईबी के निदेशक अरविंद कुमार, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के प्रमुख एसएन प्रधान, सीमा सुरक्षा बल और सशस्त्र सीमा बल के महानिदेशक, राज्यों के मुख्य सचिव तथा डीजीपी और विभिन्न संबंधित विभागों के साथ केंद्र शासित प्रदेशों में उनके प्रतिनिधि और प्रशासक शामिल रहे। यह बैठक इसलिए अहम है क्योंकि इसमें देश में मौजूदा नशीली दवाओं के दुरुपयोग और तस्करी की आशंकाओं और उसे रोकने के उपायों पर चर्चा हुई।
नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) मामलों में समन्वय में सुधार के लिए एक चार स्तरीय संरचना बनाने के लिए गृह मंत्रालय ने पिछले वर्षों में इसी तरह की दो एनसीओआरडी बैठकें की थी। एनडीपीएस नीति और ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसियों के परिचालन मामलों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई।
हाइब्रिड मॉडल से बुलाई गई बैठक
हाइब्रिड मॉडल से आयोजित बैठक में स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण और दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना भी शामिल हुए। बैठक में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, राजस्व विभाग (वित्त मंत्रालय) और भारतीय तटरक्षक बल के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया।
इसलिए की जाती है यह बैठक
इस बैठक का आयोजन पड़ोसी देशों से बड़े पैमाने पर हेरोइन की तस्करी, मादक दवाओं और नशीले पदार्थों से युक्त फार्मास्यूटिकल दवाओं के दुरुपयोग, सिंथेटिक दवाओं और अफीम की खेती से संबंधित मुद्दों को लेकर किया जाता है।
क्या है एनसीओआरडी
दरअसल, एनसीओआरडी महानिदेशालय, एनसीबी के अधीन कार्यरत एक तंत्र है। इसका गठन मादक पदार्थों से संबंधित कानूनों का पालन कराने वाली एजेंसियों और अन्य हितधारकों के बीच प्रभावी समन्वय करने और नशीली दवाओं की तस्करी से संबंधित मुद्दों पर चर्चा के लिए मंच प्रदान के लिए किया गया है।