कौन हैं सम्राट चौधरी
16 नवंबर, 1968 को जन्मे सम्राट चौधरी बिहार के नए उप मुख्यमंत्री बन गए हैं। सम्राट चौधरी, शकुनी चौधरी के बेटे हैं। बिहार की राजनीति में शकुनी चौधरी बड़ा नाम रहे हैं। शकुनी चौधरी समता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं। बिहार में कुशवाहा समाज के बड़े नेताओं में शकुनी चौधरी शुमार किए जाते हैं। अब सम्राट अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।
साल 1990 में सक्रिय राजनीति में उतरने वाले सम्राट चौधरी ने अपने करियर की शुरुआत राष्ट्रीय जनता दल से की थी। साल 1999 में बिहार की राबड़ी सरकार में सम्राट कृषि मंत्री भी रहे। हालांकि, उनकी कम उम्र को लेकर विवाद हुआ और उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया। साल 2018 में सम्राट ने राजद से नाता तोड़कर भाजपा की सदस्यता ली। भाजपा में आने के बाद से उनका सियासी कद लगातार बढ़ता गया और पार्टी ने साल 2022 में उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया।
विजय सिन्हा के बारे में भी जानिए
नीतीश के साथ जिन दो उप मुख्यमंत्रियों को शपथ दिलाई गई, उनमें एक भाजपा नेता विजय कुमार सिन्हा हैं। कभी बिहार विधानसभा के स्पीकर रहे सिन्हा जाति की राजनीति के कारण सुर्खियों में रहे। वह प्रदेश में भूमिहार जाति का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनका उप मुख्यमंत्री बनना भाजपा की सधी हुई सियासी चाल के रूप में देखा जा रहा है।
विजय सिन्हा का जन्म लखीसराय के तिलकपुर में हुआ था। पैतृक घर मोकामा जिले में है। पिता शारदा रमण सिंह हाईस्कूल में प्रभारी प्रधानाध्यापक के रूप में सेवानिवृत्त हुए। जून, 1967 में जन्मे विजय सिन्हा ने सियासी सफर की शुरुआत 1982 में की। माना जाता है कि दुर्गा पूजा समिति के सचिव के रूप में इन्होंने 42 साल से पहले सार्वजनिक सियासत की शुरुआत की। आरएसएस से जुड़ाव के कारण सिन्हा बिहार की राजनीति में भाजपा के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं।
संतोष कुमार मांझी ने ली शपथ
एनडीए के घटक दल हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक जीतन राम मांझी ने बेटे संतोष कुमार सुमन उर्फ संतोष मांझी ने भी मंत्री पद की शपथ ली। मांझी पिछले तीन दिन से काफी चर्चा में थे। इनकी पार्टी से केवल चार विधायक हैं।
निर्दलीय विधायक सुमित कुमार ने भी मंत्री बने
निर्दलीय विधायक सुमित कुमार सिंह ने भी मंत्री पद की शपथ ली। 2020 के विधानसभा चुनाव में सुमित कुमार सिंह निर्दलीय विधायक चुने गए थे। इसके बाद वह एनडीए सरकार में मंत्री बने। फिर, महागठबंधन सरकार में भी मंत्री बने। अब फिर से एनडीए 2.0 में भी मंत्री बने हैं।
भाजपा के डॉ. प्रेम कुमार ने भी ली शपथ
नीतीश के नए मंत्रिमंडल में मंत्री के रूप में भाजपा नेता डॉ. प्रेम कुमार ने भी शपथ ली है। वह 1990 से बिहार विधानसभा के सदस्य रहे हैं। साल 2017 में उन्हें सरकार में कृषि विभाग सौंपा गया था। इससे पहले वह सड़क निर्माण विभाग और सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग संभाल चुके हैं।
जदयू के नंबर दो नेता विजय कुमार भी मंत्रिमंडल में शामिल
नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले विजय कुमार चौधरी ने भी मंत्री पद की शपथ ली है। पिछली सरकार में वह वित्त, वाणिज्यिक कर और संसदीय मामलों के मंत्रालय के कैबिनेट मंत्री थे। उन्हें जदयू में दूसरा बड़ा नेता माना जाता है और वह नीतीश कुमार की उस कोर कमेटी के सदस्य भी हैं, जो सरकार और पार्टी की नीतियों को आकार देती है।
श्रवण कुमार भी नीतीश सरकार में मंत्री
जदयू के श्रवण कुमार ने भी मंत्री पद की शपथ ली है। पिछली नीतीश कुमार सरकार में ग्रामीण विकास और संसदीय कार्य मंत्री थे। उनका सियासी सफर जेपी आंदोलन से शुरू हुआ था। वह 1995 से नालंदा क्षेत्र से विधायक रहे हैं। इसके अलावा, वह विधानसभा में जदयू के मुख्य सतेतक रहे हैं। उन्हें भी नीतीश कुमार का करीबी माना जाता है।
जीतनराम मांझी के बेटे को मंत्रिमंडल में जगह
पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी के बेटे संतोष कुमार सुमन को भी मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के नेता सुमन पिछली सरकार में लघु सिंचाई और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री रहे हैं।