आईटीओ और उसके बाद लाल किला पर किसानों का जो उपद्रव देखने को मिला, वह सब एकाएक बनी रणनीति का हिस्सा नहीं था। उसके लिए बाकायदा कई दिनों तक रेकी की गई थी। विभिन्न धरना स्थलों से लोगों की टीम दिल्ली मेट्रो में सवार होकर सेंट्रल दिल्ली और नई दिल्ली पहुंचती थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इन टीमों ने लालकिला के अलावा विजय चौक और इंडिया गेट के आसपास स्थित मार्गों का दौरा भी किया था।
दिल्ली पुलिस, विभिन्न माध्यमों के जरिए ऐसे लोगों की सीसीटीवी फुटेज जुटा रही है। मेट्रो स्टेशन और ट्रेन में लगे कैमरों की फुटेज भी दिल्ली पुलिस के लिए काफी मददगार साबित हो सकती है। पुलिस यह पता लगा रही है कि इनमें से ऐसे कितने लोग हैं, जो लालकिला और दूसरी जगह पर हुए उपद्रव में शामिल रहे हैं। इन सबकी गिरफ्तारी होगी।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, 26 जनवरी से करीब एक सप्ताह पहले विभिन्न धरना स्थल, जिनमें टीकरी बॉर्डर, गाजीपुर और सिंघु बॉर्डर शामिल हैं, वहां से कुछ लोग समूहों में एकत्रित होकर सेंट्रल दिल्ली व नई दिल्ली में आते रहे हैं। तीनों ही धरना स्थलों से ये लोग निकटवर्ती मेट्रो में सवार हुए थे। इन लोगों ने सबसे पहले लालकिला की तरफ जाने वाले मार्ग की रेकी की थी। चूंकि इन्हें आईटीओ की तरफ से लालकिला पहुंचना था, इसलिए इन्होंने वहां जाने वाले केरिज-वे को अच्छी तरह से देख लिया था। इसी तरह नई दिल्ली के इलाके में भी लोगों की टोली पहुंची थी। सूत्रों के मुताबिक, ये लोग सुबह 11 बजे धरना स्थल से निकलते थे और शाम को छह बजे तक वापस लौट आते थे।
पुलिस ने इस तरह के लोगों की फुटेज एकत्रित करनी शुरू कर दी है। लिहाजा गणतंत्र दिवस की तैयारियों के मद्देनजर पुलिस एवं दूसरी सुरक्षा एजेंसियों ने विभिन्न मार्गों पर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए थे, इसलिए इनकी फुटेज जुटाने में पुलिस को कोई दिक्कत नहीं आएगी। वैसे भी जिन मार्गों से गणतंत्र दिवस की परेड गुजरती है, वहां पहले से ही लंबी दूरी तक नजर रखने वाले कैमरे लग हुए हैं। इन सभी कैमरों की फुटेज जांची जा रही है।
दिल्ली पुलिस आयुक्त कह चुके हैं कि वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान की जा रही है। इस पर किसान संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना था कि लालकिला की घटना में जो दोषी हैं, उसके खिलाफ पुलिस एक्शन ले। हालांकि किसान संगठन अपने स्तर पर भी इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगा रहे हैं। पुलिस से आग्रह है कि वह किसी साजिश का हिस्सा न बने और मामले की निष्पक्ष जांच करे।