किन-किन योजनाओं के नाम बदले गए
योजना का नाम पहले बाद में
इंदिरा आवास योजना प्रधानमंत्री आवास योजना
इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना
राजीव ग्रामीण विद्युतीकरण योजना- दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना
राजीव आवास योजना- सरदार पटेल राष्ट्रीय शहरी आवास मिशन
इसी तरह जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) कायाकल्प- शहरी बदलाव अटल मिशन में तब्दील कर दिया गया है।
गांधी परिवार के नाम पर क्या-क्या
2015 के एक अनुमान के मुताबिक नेहरू-गांधी परिवार के नाम पर देश में करीब 600 सरकारी योजनाओं के नाम थे। 2012 में सूचना के अधिकार कानून के तहत 2012 में यह जानकारी सामने आई कि 12 केंद्रीय और 52 राज्य योजनाएं, 28 खेल टूर्नामेंट और ट्राफियां, 19 स्टेडियम, पांच हवाई अड्डे और बंदरगाह, 98 शैक्षणिक संस्थान, 51 पुरस्कार, 15 फेलोशिप, 15 राष्ट्रीय अभयारण्य और पार्क, 39 अस्पताल और चिकित्सा संस्थान, 37 संस्थानों, कुर्सियों और त्योहारों और 74 सड़कों, इमारतों और स्थानों का नाम कांग्रेस के पहले परिवार- नेहरू-गांधी परिवार के नाम पर रखा गया।
भाजपा के दिवंगत नेताओं के नाम पर अब कई संस्थान
सरकारी योजनाओं के नाम बदलने के साथ-साथ केंद्र सरकार कई दिवंगत भाजपा नेताओं के नाम पर कई संस्थानों के नाम रख रख रही है। जैसे 2020 में मोदी सरकार ने इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस का नाम बदलकर मनोहर पर्रिकर इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस कर दिया। सरकार का कहना था कि यह निर्णय दिवंगत रक्षा मंत्री पर्रिकर की प्रतिबद्धता और विरासत का सम्मान करने के लिए लिया गया।
इसी तरह प्रवासी भारतीय केंद्र को भी पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के नाम पर रखा गया है। यह एक सांस्कृतिक केंद्र है जो प्रवासी भारतीयों के साथ भारत के जुड़ाव को दिखाता है। नवोदित राजनयिकों को प्रशिक्षित करने वाले विदेश सेवा संस्थान का नाम भी बदल कर सुषमा स्वराज भवन कर दिया गया है।
राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान का नाम बदलकर पूर्व वित्त मंत्री रहे अरुण जेटली के नाम पर अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान कर दिया गया है। दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान स्टेडियन का नाम भी अब बदल कर अरुण जेटली स्टेडियम कर दिया गया है।