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Exclusive: जीएसटी स्लैबों की संख्या में होगी कमी, चार से तीन स्लैब की तैयारी में सरकार

Wed, 08 Nov 2017 06:36 AM IST
संजय मिश्र/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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जीएसटी को आम आदमी के लिए सरल बनाने की कवायद में सरकार दरों के स्लैब को भी कम करने की तैयारी में है। वर्तमान में जीएसटी के 5,12,18 और 28 सरीखे चार स्लैब हैं। सरकार इनमें संशोधन कर 12 और 18 प्रतिशत के दर वाले स्लैब को आपस में मर्ज करेगी। 
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इसके अलावा 28 प्रतिशत दर के स्लैब में केवल 5-7 लग्जरी वस्तुएं ही रह जाएंगी। इस बीच 10 नवंबर को होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक से भी बड़ी राहत की उम्मीद की जा रही है। पीएम मोदी हिमाचल प्रदेश की चुनावी सभी में इस बात के संकेत पहले ही दे चुके हैं। 
 
बरकरार रहेगी 5 प्रतिशत वाली जीएसटी दर 
सरकार के एक शीर्ष मंत्री के अनुसार जीएसटी के 12 और 18 प्रतिशत के स्लैब को खत्म कर बीच का एक स्लैब बनाया जाएगा, ताकि लोगों को और राहत मिले। इस कदम से जीएसटी दरों में सरलता भी आएगी।
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उक्त मंत्री के अनुसार 5 प्रतिशत के जीएसटी दर को बरकरार रखा जाएगा। केवल 12 और 18 प्रतिशत की दर वाले स्लैब को खत्म कर नया स्लैब बनेगा। इसका फैसला जीएसटी काउंसिल की बैठक में होगा, लेकिन इस फैसले में अभी वक्त लग सकता है।

हालांकि सरकार ने इस पर राज्यों से अनौपचारिक चर्चा शुरू कर दी है। इसके अलावा जीएसटी के 28 प्रतिशत वाले स्लैब में शामिल वस्तुओं की लिस्ट बेहद कम की जाएगी। इसमें केवल लग्जरी वस्तुओं के सात-आठ आइटम ही शामिल रह पाएंगे। 

जीएसटी स्लैब का अगर संशोधन मंजूर हो गया तो जीएसटी की दर तीन रह जाएगी। अभी चार स्लैब रखने के कदम का बचाव करते हुए सरकार के शीर्ष अधिकारी ने कहा कि महंगाई को काबू में रखने की कवायद में जीएसटी दर के स्लैबों की संख्या 5,12,18 और 28 के रूप में रखी गई थी, लेकिन स्थिति नियंत्रण में आने और टैक्स उगाही सामान्य होते ही जीएसटी दरों में बदलाव कर स्लैब को कम कर दिया जाएगा। सरकार इस दिशा में कार्य कर रही है। 
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निर्माण क्षेत्र और वस्‍त्र उद्योग को मिल सकती है राहत

गुजरात विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अभी जीएसटी में और राहत देने का मन बनाया है। 10 नवंबर को होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में सरकार वस्‍त्र उद्योग, गुजरात से जुड़े उत्पादों, हाउसिंग, लघु उद्योग और उत्पाद क्षेत्र की दरों में राहत प्रदान कर सकती है।

सूत्र बताते हैं कि यह कदम चुनाव अचार संहिता की परिधि में नहीं आता है, इसलिए चुनाव के ऐन मौके पर गुजरात के व्यापारियों को खास राहत देकर सरकार की रणनीति उनकी नाराजगी को थामने की है। दरअसल गुजरात में कांग्रेस पार्टी ने भाजपा के खिलाफ जीएसटी और नोटबंदी को मुख्य मुद्दा बना रखा है।

सरकार की मुश्किलें यह हैं कि जातीय गणित पहले से ही भाजपा के विरुद्ध जाता दिख रहा है। ऊपर से पार्टी के कोर वोटर कहे जाने वाले व्यापारी वर्ग भी नाराज हैं, इसलिए कोर वोटर की नाराजगी दूर करने के लिए सरकार के रणनीतिकार 10 नवंबर को होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में बड़ी राहत देने की तैयारी में हैं। 
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