बब्बर वर्तमान समय में पाकिस्तान में है। उसने हरजीत सिंह उर्फ लाडी और कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू के साथ मिलकर हमले को अंजाम देने के लिए हथियार, गोला-बारूद और धन उपलब्ध कराया था। एनआईए ने नौ मई को राज्य पुलिस से मामला अपने हाथ में ले लिया था।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को पंजाब में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) नेता विकास प्रभाकर उर्फ विकास बग्गा की हत्या के मामले में पाकिस्ताम स्थित बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) प्रमुख वधावा सिंह उर्फ बब्बर और पांच अन्य आतंकियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की। वीएचपी नेता बग्गा की 13 अप्रैल को पंजाब के रूपनगर में हलवाई की दुकान में बीकेआई आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। एनआईए द्वारा दायर चार्जशीट में बब्बर के अलावा दो अन्य फरार आरोपियों और तीन गिरफ्तार आरोपियों को इस हत्या में मुख्य अपराधियों के तौर पर शामिल किया गया है।
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तीन आरोपियों में से दो की पहचान पंजाब के नवांशहर के रहने वाले शूटर मनदीप कुमार उर्फ मंगली और सुरिंदर कुमार उर्फ रिका के रूप में की गई है। इन पर यूए(पी) एक्ट, आईपीसी और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाया गया है। तूसरा गिरफ्तार आरोपी गुरप्रीत राम उर्फ गोरा के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत आरोप लगाया गया है। ये तीनों गिरफ्तार आरोपियों के संचालक थे।
पाकिस्तान में बैठे बब्बर ने उपलब्ध कराया गोला बारूद
बब्बर वर्तमान समय में पाकिस्तान में है। उसने हरजीत सिंह उर्फ लाडी और कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू के साथ मिलकर हमले को अंजाम देने के लिए हथियार, गोला-बारूद और धन उपलब्ध कराया था। एनआईए ने नौ मई को राज्य पुलिस से मामला अपने हाथ में ले लिया था। उन्होंने जांच में पाया कि इस हत्या में बीकेआई काहाथ है। एनआईए की जांच के अनुसार, विभिन्न देशों में बीकेआई के सदस्य इस हत्या को अंजाम देने के लिए एकसाथ आए थे। जांच में यह भी मालूम चला कि पाकिस्तान से वधावा सिंह ने हत्या के लिए हरजीत सिंह और कुलबीर सिंह को निर्देशित किया था।इस हत्या में दुबई स्थित रसद प्रदाता और भारत स्थित हथियार आपूर्तिकर्ताओं की भूमिका भी सामने आई है। इस हत्या की जांच जारी है।