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गर्मियों में कैसे बुझेगी प्यास, सर्दियों की बारिश में भारी कमी

Thu, 01 Mar 2018 11:41 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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rain shimla
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बारिश की कमी देश बड़ी चुनौतियों में से एक है। सीजन दर सीजन बारिश की कमी विकराल रूप लेती जा रही है। इस सर्दियों के मौसम में भी बारिश की कमी दर्ज की गई। सर्दियों के मौसम में अमूमन जितनी बारिश होनी चाहिए, इस सीजन में वह 33 फीसदी कम हुई। जिसकी वजह से उत्तर भारत में पानी की कमी बनी रहेगी। 

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बारिश की यह कमी पहाड़ी इलाकों खासकर उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर के लिए चिंता का विषय है। इन इलाकों में बारिश और बर्फबारी सामान्य से काफी कम हुई। जनवरी और फरवरी के महीने में 63 फीसदी से कम बारिश हुई। 

यहां हुई बर्फबारी और बारिश से ही उत्तर भारत में पानी की पूर्ति होती है। कश्मीर में इस सीजन में 79.5 एमएम बारिश हुई जबकि सामान्य रूप में यहां 212.9 फीसदी बारिश होती है। हिमाचल में भी बारिश में कमी देखी गई इस बार वहां 55.1 एमएम बारिश हुई जबकि सामान्य रुप से यहां 195.5 फीसदी बारिश हुआ करती थी। 
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उत्तराखंड में जहां 106.2 एमएम बारिश सामान्य तौर पर दर्ज की जाती थी वो इस बार गिरकर 33.7 एमएम पर पहुंच गई। मौसम विभाग के आंकड़े इस बात के सबूत हैं कि सर्दियों के मौसम में बारिश बेहद कम हुई है। जानकारों का कहना है कि पश्चिम की गड़बड़ियों का असर उत्तर भारत के मौसम पर पड़ता है। मौसम विभाग के कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि इस सीजन में अगर 1 दिसंबर से गणना की जाए तो उत्तरी भारत क्षेत्र में 4 बार पश्चिमी गड़बड़ियों ने प्रभावित किया जबकि सामान्य तौर पर यह 9 बार होती है। 

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