सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार व दिल्ली पुलिस से जाति या धर्म से बाहर शादी करने वाले जोड़ों को संरक्षण देने की मांग वाली याचिका पर जवाब तलब किया किया है। जस्टिस एके सिकरी और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की पीठ ने दो हफ्ते में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
दिल्ली महिला आयोग की तरफ से दाखिल याचिका में कहा गया था कि घरवालों व समाज के स्वयंभू ठेकेदारों से मिल रही धमकियों के कारण ऐसे जोड़ों को दूसरे प्रांतों में शरण लेने को मजबूर होना पड़ता है। लेकिन वहां भी डर व्याप्त रहता है, लिहाजा उन्हें संरक्षण देने की जरूरत है।
आयोग ने शक्ति वाहिनी मामले में वर्ष 2018 में दिए गए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का अमल करने के निर्देश देने की गुहार की है। 2018 के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकारों को ऑनर किलिंग के भय में जी रहे जोड़ों को संरक्षण देने का निर्देश दिया था।