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Maharashtra: क्रेन हादसे में महिला की मौत, ठाणे न्यायाधिकरण ने परिजनों को ₹35.27 लाख मुआवजा देने का दिया आदेश

Tue, 21 Oct 2025 02:55 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ठाणे

सार

ठाणे के वागले एस्टेट इलाके में सड़क हादसे की शिकार हुई महिला के परिजनों को 35 लाख रुपये से ज्यादा मुआवजा मिलेगा। इस मामले की सुनवाई के दौरान ट्रिब्यूनल ने कहा, 'कोई व्यक्ति तब तक सड़क पर मोबाइल हाइड्रॉलिक क्रेन नहीं चला सकता, जब तक उसके ड्राइविंग लाइसेंस पर क्रेन के रूप में अनुमति दर्ज न हो। इसलिए दुर्घटना के दिन चालक के पास वैध लाइसेंस नहीं था।'
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
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विस्तार
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महाराष्ट्र के ठाणे में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमसीटी) ने एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायाधिकरण ने 58 वर्षीय महिला की मौत के मामले में उसके बच्चों को 35.27 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह महिला वर्ष 2017 में एक हाइड्रॉलिक क्रेन की चपेट में आ गई थी। न्यायाधिकरण के सदस्य आर.वी. मोहिटे ने अपने आदेश (दिनांक 15 अक्तूबर) में कहा कि मुआवजा राशि पहले ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को देनी होगी। हालांकि, कंपनी बाद में यह रकम वाहन के मालिक से वसूल कर सकती है, क्योंकि दुर्घटना में बीमा पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन हुआ था।
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कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा 20 नवंबर 2017 की सुबह ठाणे के वागले एस्टेट इलाके में हुआ था। पीड़िता शलान सुरेश कांबले, जो कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में चपरासी के पद पर काम कर रही थीं, रोजाना की तरह पैदल जा रही थीं। तभी तेज रफ्तार में आ रही एक हाइड्रॉलिक क्रेन ने उन्हें टक्कर मार दी और उन पर से गुजर गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां कई हड्डियां टूटने और किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचने के बाद उन्होंने पांच दिन बाद दम तोड़ दिया। पुलिस ने क्रेन चालक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया था।
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न्यायाधिकरण का निष्कर्ष और बीमा कंपनी की दलील
ट्रिब्यूनल ने सबूतों के आधार पर पाया कि हादसा पूरी तरह क्रेन चालक की लापरवाही से हुआ था। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया कि मृतका की तरफ से किसी तरह की गलती या योगदान नहीं था। ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी ने अदालत में तर्क दिया कि वाहन के मालिक ने बीमा पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन किया है, क्योंकि चालक के पास क्रेन चलाने का वैध लाइसेंस नहीं था। आरटीओ की रिपोर्ट से यह बात साबित हुई कि चालक के लाइसेंस पर न चलाने की अनुमति दर्ज नहीं थी।
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कैसे तय किया गया मुआवजा? 
शलान कांबले की मासिक आय ₹38,822 थी। इसी के आधार पर न्यायाधिकरण ने कुल मुआवजा ₹35.27 लाख तय किया। इस पर नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी जोड़ा गया है, जो दावा याचिका दायर करने की तारीख से लागू होगा। बीमा कंपनी को यह पूरी रकम पहले पीड़िता के बच्चों को देनी होगी और बाद में वह राशि क्रेन मालिक से वसूल सकती है।
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