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पीएलआई योजना: कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल बोले- यह भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर मजबूती प्रदान करेगा

Thu, 09 Sep 2021 01:11 AM IST
देव कश्यप एएनआई, नई दिल्ली

सार

कपड़ा क्षेत्र के लिए पीएलआई योजना बजट 2021-22 में 13 क्षेत्रों के लिए की गई घोषणाओं का हिस्सा है। बजट में 13 क्षेत्रों के लिए 1.97 लाख करोड़ रुपये की पीएलआई योजनाओं की घोषणा की गई थी।
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पीयूष गोयल - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को कपड़ा क्षेत्र के लिए 10,683 करोड़ रुपये की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना को मंजूरी दी है। इसके बाद कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि 'पीएलआई (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) योजना (कपड़ा के लिए) की अवधारणा भारत को वास्तव में प्रतिस्पर्धी बनाने और भारत में पैमाने और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादन की अर्थव्यवस्था लाने के लिए की गई है।'

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पीयूष गोयल ने कहा कि 'कपड़ा क्षेत्र ने देखा है कि पिछले कई वर्षों में हम बड़े पैमाने पर कपास, ऊन, रेशम- पारंपरिक वस्त्रों में विकसित हुए हैं। लेकिन जब मानव निर्मित फाइबर या तकनीकी वस्त्रों की बात आती है, तो भारत अपेक्षाकृत पीछे रह जाता है। विश्व बाजार में हमारी ज्यादा हिस्सेदारी नहीं है।'

उन्होंने कहा कि 'आज अंतरराष्ट्रीय व्यापार का 2/3 तकनीकी वस्त्र और मानव निर्मित फाइबर का है। हमारा प्रयास भारत में उस उद्योग को बढ़ावा देना, बड़े निवेश को आकर्षित करना है जहां भारत में 100 करोड़ रुपये से अधिक या 300 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाता है, इससे लगभग 7.5 लाख प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होते हैं, अप्रत्यक्ष रूप से यह उससे अधिक होगा।'
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गोयल ने आगे कहा कि 'मुझे लगता है कि इससे भारत को वैश्विक खिलाड़ी बनने में मदद मिलेगी और साथ ही भारत को प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद बनाने की क्षमता मिलेगी।'

 
 

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कपड़ा क्षेत्र के लिए पीएलआई योजना को मंजूरी दी गई। केंद्रीय कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एमएमएफ (मानव निर्मित रेशे) परिधान, एमएमएफ फैब्रिक्स तथा टेक्निकल टेक्सटाइल के 10 खंडों/उत्पादों के लिए 10,683 करोड़ रुपये की पीएलआई योजना को मंजूरी दी है।’

कपड़ा क्षेत्र के लिए पीएलआई योजना बजट 2021-22 में 13 क्षेत्रों के लिए की गई घोषणाओं का हिस्सा है। बजट में 13 क्षेत्रों के लिए 1.97 लाख करोड़ रुपये की पीएलआई योजनाओं की घोषणा की गई थी।

इस योजना से देश में बेहतर मूल्य वाले एमएमएफ फैब्रिक, परिधान और टेक्निकल टेक्सटाइल के उत्पादन को काफी बढ़ावा मिलेगा। इसके तहत प्रोत्साहन संबंधी संरचना कुछ इस प्रकार से की गई है जिससे उद्योग इन खंडों या क्षेत्रों में नई क्षमताओं में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित होगा। ऐसे में तेजी से उभरते बेहतर मूल्य वाले एमएमएफ खंड को काफी बढ़ावा मिलेगा जो रोजगार एवं व्यापार के नए अवसर सृजित करने में कपास और अन्य प्राकृतिक फाइबर आधारित वस्त्र उद्योग के प्रयासों में पूरक के तौर पर व्यापक योगदान करेगा।

टेक्निकल टेक्सटाइल नई पीढ़ी का कपड़ा है जिसका उपयोग अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों मसलन अवसंरचना, जल, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, रक्षा, सुरक्षा, वाहन, और विमानन में होता है।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि प्रोत्साहन संरचना के अनुसार दो प्रकार से निवेश संभव है। कोई भी व्यक्ति (जिसमें फर्म/कंपनी शामिल है), जो निर्धारित खंडों (एमएमएफ फैब्रिक्स, गारमेंट) के उत्पादों और टेक्निकल टेक्सटाइल के उत्पादों के उत्पादन के लिए संयंत्र, मशीनरी, उपकरण और निर्माण कार्यों (भूमि और प्रशासनिक भवन की लागत को छोड़कर) में न्यूनतम 300 करोड़ रुपये निवेश करने को तैयार है, वह इस योजना के पहले भाग में भागीदारी के लिए आवेदन करने का पात्र होगा।

दूसरे भाग में, कोई भी व्यक्ति (जिसमें फर्म/कंपनी शामिल है), जो न्यूनतम 100 करोड़ रुपये निवेश करने का इच्छुक है, वह योजना के इस भाग में भागीदारी के लिए आवेदन करने का पात्र होगा। इसके अलावा आकांक्षी जिलों, तीसरी और चौथी श्रेणी के शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में निवेश को प्राथमिकता दी जाएगी।

बयान में कहा गया है कि एक अनुमान के अनुसार पांच साल की अवधि में कपड़ा क्षेत्र के लिए पीएलआई योजना से 19,000 करोड़ रुपये से भी अधिक का नया निवेश मिलेगा।

योजना के तहत तीन लाख करोड़ रुपये से भी अधिक का कुल कारोबार हासिल किया जा सकेगा। साथ ही इससे क्षेत्र में 7.5 लाख से भी अधिक लोगों के लिए अतिरिक्त रोजगारों के साथ-साथ सहायक गतिविधियों के लिए भी कई लाख और रोजगार के अवसरों का सृजन होगा।

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