टीआईएफआर के वैज्ञानिकों ने गुरुवार को कहा कि यह एक मानवरहित परीक्षण उड़ान थी, जिसमें केवल कैप्सूल और कुछ सामान थे। बैलून-लॉन्चिंग फैसिलिटी से लॉन्च किए गया एक विशाल गुब्बारा बुधवार को 800 किलोग्राम पेलोड के साथ गोलाकार कैप्सूल ले गया।
टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (टीआईएफआर) के सहयोग से यहां एक 'अंतरिक्ष अन्वेषण कैप्सूल' (स्पेस एक्सप्लोरेशन कैप्सूल) का सफलतापूर्वक उड़ान परीक्षण पूरा किया गया। टीआईएफआर ने स्पेन की अंतरिक्ष पर्यटन फर्म 'हेलो स्पेस' को बैलून-लॉन्चिंग फैसिलिटी प्रदान की।
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टीआईएफआर के वैज्ञानिकों ने गुरुवार को कहा कि यह एक मानवरहित परीक्षण उड़ान थी, जिसमें केवल कैप्सूल और कुछ सामान थे। बैलून-लॉन्चिंग फैसिलिटी से लॉन्च किए गया एक विशाल गुब्बारा बुधवार को 800 किलोग्राम पेलोड के साथ गोलाकार कैप्सूल ले गया। कैप्सूल का वजन 620 किलोग्राम था। इसके अलावा गुब्बारे में अन्य सामान भी था।
उन्होंने कहा, यह आकाश में 39.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर पहुंचा और उसी ऊंचाई पर बीस मिनट तक तैरता रहा। बैलून फैसिलिटी कमिटी के चेयरमैन देवेंद्र के.ओझा ने कहा, यह परीक्षण सफल रहा। वे सभी पर्यावरणीय मापदंडों का परीक्षण करना चाहते थे। लॉन्च सुचारू था और उन्हें बहुत अच्छा डेटा मिला और वे इसे अपने कैप्सूल से वैरीफाई कर सकते थे।
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उन्होंने कहा, एक्सपरीमेंट का आखिरी हिस्सा में पेलोड की रिकवरी (गुब्बारे से अलग होने के बाद) भी सफल रही। कैप्सूल यहां से करीब सौ किलोमीटर दूर विकाराबाद जिले में बरामद किया गया।