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Terror Attack: जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले के बाद PM मोदी चुप क्यों? कांग्रेस ने भाजपा की खामोशी पर उठाए सवाल

Wed, 12 Jun 2024 01:55 PM IST
मेघा झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

हाल ही में जम्मू कश्मीर में हुए हमले के बाद से भाजपा और पीएम मोदी की खामोशी पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। बुधवार को कांग्रेस ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में शांति और सामान्य स्थिति की वापसी के भाजपा के 'खोखले' दावों की पोल पिछले तीन दिनों में क्षेत्र में हुए तीन आतंकी हमलों से खुल गई है।
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कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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हाल ही में जम्मू कश्मीर में हुए हमले के बाद से भाजपा और पीएम मोदी की खामोशी पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। बुधवार को कांग्रेस ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में शांति और सामान्य स्थिति की वापसी के भाजपा के 'खोखले' दावों की पोल पिछले तीन दिनों में क्षेत्र में हुए तीन आतंकी हमलों से खुल गई है।
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पीएम मोदी के इस पूरे मामले पर खामोश रहने के पर कांग्रेस नेता और मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रभारी पवन खेड़ा ने सवाल उठाते हुए कहा कि उनके पास पाकिस्तानी नेताओं को जवाब देने के लिए तो समय है, लेकिन क्रूर आतंकी हमलों की निंदा करने के लिए समय नहीं है। पवन खेड़ा ने कहा, "जम्मू-कश्मीर में शांति और सामान्य स्थिति की वापसी के भाजपा के खोखले दावों की पोल खुल गई है। भाजपा ने कश्मीर घाटी में चुनाव लड़ने की भी जहमत नहीं उठाई। यह प्रमाणित करता है कि उनकी 'नया कश्मीर' नीति पूरी तरह विफल रही है।

बता दें कि राजौरी और पुंछ के सीमावर्ती जिलों में आतंकी घटनाओं में वृद्धि के बाद कांग्रेस ने टिप्पणी की है। पवन खेड़ा ने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में मोदी सरकार की बड़ी-बड़ी बातें करने से राष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरा मंडराया है। उन्होंने कहा कि कायरतापूर्ण इन आतंकी हमलों के परिणाम निर्दोष लोग भुगतते हैं। उन्होंने कहा, "जब पीएम नरेंद्र मोदी और उनकी एनडीए सरकार शपथ ले रही थी और राष्ट्राध्यक्ष देश का दौरा कर रहे थे, तब भारत को जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में एक भयानक और वीभत्स आतंकी हमला झेलना पड़ा। शिव खोरी मंदिर से कटरा जा रहे तीर्थयात्रियों से भरी बस पर आतंकवादियों ने गोलीबारी की। इसमें 9 लोगों की जान गईं और लगभग 33 लोग घायल हुए। उन्होंने कहा ”निर्दोष बच्चों को भी नहीं बख्शा गया। क्या पीड़ितों को स्वयंभू 'दिव्य' प्रधानमंत्री से सहानुभूति के एक शब्द के नहीं मिलना चाहिए था।"
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कांग्रेस नेता ने कहा कि कठुआ में एक अन्य आतंकी हमले में एक नागरिक घायल हो गया। 11 जून को जम्मू के डोडा के छत्रकला में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में छह सुरक्षाकर्मी और एक नागरिक घायल हुआ। अधिकारियों की मानें तो आतंकवादियों ने भद्रवाह-पठानकोट के साथ चत्तरगल्ला इलाके में 4 राष्ट्रीय राइफल्स और पुलिस द्वारा संचालित एक संयुक्त चौकी पर गोलीबारी की।

उन्होंने कहा "पिछले तीन दिनों में जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले बढ़े है, वहीं प्रधानमंत्री मोदी पाकिस्तानी नेताओं - नवाज शरीफ और पाक प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के बधाई एक्स पर प्रतिक्रिया देने में व्यस्त हैं। खेड़ा ने सवाल किया कि "उन्होंने नृशंस आतंकी हमलों पर एक भी शब्द क्यों नहीं बोला? उन्होंने चुप्पी क्यों साध रखी है।"

खेड़ा का आरोप, मोदी सरकार ने देश को डाला खतरे में
कांग्रेस नेता ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि "क्या यह सच नहीं है कि पिछले 2 वर्षों में पीर पंजाल रेंज राजौरी और पुंछ सीमा पार आतंकवाद का केंद्र बन गया है। क्योंकि पिछले दो वर्षों में अकेले इन क्षेत्रों में आतंकी हमलों के कारण 35 से अधिक सैनिक शहीद हो चुके हैं? उन्होंने कहा, "अब आतंक पड़ोसी रियासी जिले में भी फैल गया है, जिसे अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण माना जाता था।"
कांग्रेस नेता ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर कम से कम 19 बड़े आतंकी हमले हुए हैं, जिनमें सीआरपीएफ कैंप, सेना के कैंप, वायुसेना स्टेशन और पुलवामा, पंपोर, उरी, पठानकोट, गुरदासपुर में सैन्य स्टेशन, अमरनाथ यात्रा हमला, सुंजवान आर्मी कैंप, पुंछ आतंकी हमले शामिल हैं। जिसमें कई लोगों ने अपनी जान गंवाई है।
उन्होंने पूछा, "क्या यह सच नहीं है कि मोदी सरकार ने 2016 में पठानकोट हमले की जांच के लिए दुष्ट आईएसआई को आमंत्रित किया था।" क्या यह सच नहीं है कि मोदी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाला, जबकि जम्मू-कश्मीर में 2,262 आतंकी हमले हुए, जिनमें 363 नागरिक मारे गए और 596 जवान शहीद हुए।
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