गुजरात में आतंकवादियों के घुसने की खुफिया रिपोर्ट आने के बाद रविवार को गुजरात को हाई अलर्ट कर दिया गया। इसके बाद कच्छ और अन्य स्थानों पर छापे मारे गए। महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने के साथ एनएसजी टीम को तैयार रहने को कहा गया है।
किसी भी स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली से एनएसजी की चार टीमें अहमदाबाद पहुंच गई हैं। राज्य में सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टी रद्द कर दी गई है। सरकार ने सोमवार को महाशिवरात्रि के अवसर पर सोमनाथ और जूनागढ़ सहित राज्य के सभी प्रमुख मंदिरों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
प्रदेश के गृह राज्यमंत्री रजनी पटेल ने कहा कि राज्य सरकार को शनिवार को केंद्र सरकार की ओर से गुजरात में आतंकियों के घुसने की गंभीर सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि हम इस सूचना को गंभीरता से ले रहे हैं और इस बारे में आवश्यक कदम उठा रहे हैं।
पटेल ने कहा कि हमने तटीय के साथ ही कच्छ के समीप बॉर्डर पुलिस को भी अलर्ट कर दिया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि खुफिया सूचना मिलने के बाद दक्षिण कच्छ के एसपी मकरंद चौहान के नेतृत्व में सुरक्षा अभियान शुरू कर दिया गया है।
पाकिस्तान से सटे कच्छ जिले के भुज तालुका स्थित वरनोरा गांव में अल सुबह छापे भी मारे गए। रविवार को राज्य के डीजीपी पीसी ठाकुर ने गांधीनगर में एनएसजी अधिकारियों के साथ बैठक की।
ठाकुर ने एनएसजी की चार टीम में से एक टीम को सोमनाथ मंदिर की सुरक्षा के लिए भेजने की घोषणा की। डीजीपी ने कहा कि राज्य में सोमनाथ, द्वारका में नागेश्वर ज्योतिर्लिंग और जूनागढ़ में भवनाथ समेत तीन मुख्य तीर्थ स्थल हैं। उन्होंने कहा कि हमने पहले ही स्थानीय पुलिस को सुरक्षा बढ़ाने के लिए कह दिया है।