पाकिस्तान की ओर से जारी किए गए सुरक्षा एलर्ट के बाद दोनों मुल्कों के रिश्ते नए रास्ते की ओर बढ़ रहे हैं क्योंकि यह बहुत ही दुर्लभ संयोग है। यदि पाकिस्तान की से आने वाला कोई और आतंकी हमला भारत में होता तो दोनों के रिश्ते और भी ज्यादा कठिन दौर में पहुंच जाते और मौजूदा मोदी सरकार को देश का भारी दबाव सहना पड़ता।
बीते साल 6 दिसंबर को जब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल और विदेश सचिव एस. जयशंकर अपने-अपने समकक्षों नासिर खान जंजुआ और एजाज अहमद से मिले थे तो दोनों देशों की ओर से सहमति जताई गई थी कि वो सुरक्षा और आतंकवाद पर बातचीत जारी रखेंगे।
पाक के इस कदम को उफा में हुई दोनों प्रधानमंत्रियों की मुलाकात और फिर प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिना किसी सूचना के पाक पीएम नवाज शरीफ के जन्मदिन पर पहुंच जाना, दोनों मुल्कों के रिश्ते में एक नया अध्याय जोड़ा।