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TERI World Sustainable Development Summit: पीएम मोदी ने दिया अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन का मंत्र, बोले- हमारा मकसद वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड

Wed, 16 Feb 2022 06:25 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

उन्होंने कहा कि जलवायु से संबंधित कार्यों के लिए पर्याप्त पैसे की आवश्यकता होती है। इसके लिए विकसित देशों को वित्त और प्रौद्योगिकी उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की जरूरत है।
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पीएम मोदी - फोटो : ANI
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि आने वाले 20  वर्षों में भारतीयों की ऊर्जा जरूरतें दोगुनी हो जाएंगी। साथ ही पीएम ने विकसित देशों से अपील कि वे आर्थिक सहायता और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण का वादा निभाएं।  बुधवार को 21वें विश्व सतत विकास सम्मेलन-2022 का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने यह बात कही। उन्होंने कहा, पर्यावरणीय स्थिरता केवल जलवायु न्याय से ही हासिल की जा सकती है। उन्होंने कहा, भारत के लोगों की ऊर्जा जरूरतें अगले 20 सालों में दोगुनी होने की संभावना है। 

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उन्होंने कहा, लोगों को ऊर्जा उपलब्ध कराने से इनकार करना, लाखों लोगों को जीने से मना करने जैसा होगा। पीएम मोदी ने कहा जलवायु को लेकर सफल कदम उठाने के लिए पर्याप्त आर्थिक साधनों की भी जरूरत है। उन्होंने कहा कि इसके लिए विकसित देशों को वित्त और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के अपने वादे को पूरा करना चाहिए। 

वादों को पूरा करने में यकीन रखता है भारत 
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत जलवायु परिवर्तन को लेकर संयुक्त राष्ट्र रूपरेखा समझौते (यूएनएफसीसीसी) के तहत किए गए अपने सभी वादों को पूरा करने पर भरोसा करता है। उन्होंने कहा, ग्लासगों में हुए सीओपी-26 के दौरान भी भारत ने अपनी आकांक्षाओं से अवगत कराया था। भारत अपने संकल्पों और वादों को पूरा करने में यकीन करता है।
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विविधताओं का संरक्षण है कर्तव्य
पीएम ने कहा भारत के पास दुनिया का कुल 2.4 फीसदी भूभाग है, जबकि यहां दुनिया की आठ प्रतिशत प्रजातियां हैं। इन खास परिस्थितियों का संरक्षण करना हमारा कर्तव्य है। इसके लिए हम अपने संरक्षित नेटवर्क को मजबूत कर रहे हैं। 21वां विश्व सतत विकास सम्मेलन-2022, तीन दिन चलेगा। इसका आयोजन 100 से अधिक देशों की भागीदारी के साथ द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (टेरी) कर रहा है।

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