मणिपुर के दस विधायकों ने गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखकर उन अधिकारियों को सेवाओं में बहाल करने का अनुरोध किया, जिन्हें 26 स्कूलों को सीबीएसई संबद्धता प्राप्त करने में मदद करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया था।
मणिपुर के दस आदिवासी विधायकों ने केंद्रीय मंत्री अमित शाह को एक चिट्ठी लिखी। उन्होंने गृह मंत्री से उन अधिकारियों को सेवाओं में बहाल करने का अनुरोध किया, जिन्हें स्कूलों को सीबीएसई संबद्धता प्राप्त करने में मदद करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया था। इनमें चुराचांदपुर और कांगपोकपी जिलों के 26 स्कूल शामिल थे।
विज्ञापन
आदिवासी विधायकों का गृह मंत्री को चिट्ठी
अपनी चिट्ठी में आदिवासी विधायकों ने अमित शाह से राज्य सरकार को तीनों अधिकारियों के निलंबन को खारिज करने के निर्देश जारी करने की अपील की है। इन सभी विधायकों में सात भाजपा के हैं। उन्होंने दावा किया कि मणिपुर में जतीय हिंसा के बाद सीबीएसई संबद्धता प्राप्त करने के लिए 26 स्कूलों को अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने के लिए राज्य शिक्षा विभाग के कुकी-जोमी अधिकारियों को राज्य सरकार ने निलंबित कर दिया था।
विधायकों ने इसके साथ ही स्कूलों में सीबीएसई संबद्धता बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की भी मांग की है। मणिपुर सरकार ने इससे पहले अनाधिकृत व्यक्ति या अधिकारी द्वारा सीबीएसई संबद्धता के लिए एनओसी जारी करने की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी को बिना प्रक्रिया पालन किए एनओसी जारी करने वाले अधिकारियों का पता लगाने के लिए कहा गया है। इन अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
बता दें कि स्कूलों द्वारा जमा की गई एनओसी राज्य सरकार के अधिकारयों द्वारा जारी नहीं किए जाने के बाद सीबीएसई ने तत्काल प्रभाव से संबद्धता वापस ले ली है।