गणतंत्र दिवस के दिन तेलंगाना की राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन के भाषण पर पूर्व मंत्री केटीआर ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने गवर्नर के बयान को तेलंगाना की जनता का अपमान करार दिया। पिता के चंद्रशेखर राव के कार्यकाल को तानाशाही और संवैधानिक भावना के खिलाफ बताए जाने पर केटीआर ने कहा, राज्यपाल का बयान बेतुका है।
पिता के चंद्रशेखर राव की सरकार पर राज्यपाल सुंदरराजन की टिप्पणी से भड़के पूर्व मंत्री केटी रामा राव ने उनके बयान को बकवास करार दिया। तेलंगाना की गवर्नर तमिलिसाई सुंदरराजन ने भारत राष्ट्र समिति (BRS) की सरकार को तानाशाह और संवैधानिक भावना के खिलाफ बताया। गणतंत्र दिवस पर अपने संबोधन में पूर्व मुख्यमंत्री केसीआर की सरकार को राज्यपाल ने आड़े हाथों लिया। राज्यपाल ने कहा था कि तेलंगाना की जनता ने त्रस्त होकर केसीआर की सरकार को सत्ता से बेदखल किया है।
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तेलंगाना के लोगों का अपमान करने का आरोप
उनकी टिप्पणी के बाद केसीआर के बेटे ने पलटवार किया और कहा कि राज्यपाल का बयान तेलंगाना के लोगों का अपमान है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल की टिप्पणी वर्तमान सत्ताधारी दल- कांग्रेस के प्रति उनके बेशर्म झुकाव को दिखाता है। पूर्व मंत्री केटीआर ने आरोप लगाया कि बीआरएस सरकार के कार्यकाल में राज्यपाल सुंदरराजन ने तत्कालीन कैबिनेट की अनुशंसा स्वीकार नहीं की थी। केटीआर के मुताबिक उनकी सरकार में दो व्यक्तियों को विधान परिषद में नामित करने से इनकार करने वाली राज्यपाल ने अब कांग्रेस सरकार की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है।
भाजपा और कांग्रेस से जोड़कर देखा
केटी रामाराव ने कहा कि राज्यपाल का बयान निंदनीय है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने अपने भाषण में जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया है, यह तेलंगाना के लोगों का अपमान करने वाला है। उन्होंने कहा कि पहले ऐसी धारणा थी कि गवर्नर 'भाजपा कार्यकर्ता' हैं। हालांकि, दुर्भाग्य से अब ऐसा लग रहा है कि वे कांग्रेस में शामिल हो चुकी हैं। उनके भाषण से ऐसा लगता है कि राज्यपाल देश की सबसे पुरानी पार्टी के प्रति अपना समर्थन दिखाने के लिए लालायित हैं। 28 विपक्षी दलों के गठबंधन- INDIA में शामिल कांग्रेस और राहुल गांधी से जुड़े एक सवाल पर केटी रामाराव ने कहा कि जब तक राहुल गठबंधन के केंद्र में रहेंगे, इससे कुछ भी हासिल होने वाला नहीं है।