तेलंगाना में विधानसभा चुनाव में जीत के बाद से ही कांग्रेस में सीएम पद को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसी बीच, राज्यपाल ने मंत्रिपरिषद की सिफारिश के बाद राज्य की विधानसभा को भंग कर दिया है। पढ़ें यहां...
तेलंगाना विधानसभा चुनाव परिणाम सामने आते ही कांग्रेसी नेताओं में हलचल तेज हो गई है। तेलंगाना में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिला, जिसके बाद से राजनीतिक गलियारों में सीएम पद को लेकर तमाम कायस लगाए जा रहे हैं। राज्य के कांग्रेस प्रभारी और विशेष पर्यवेक्षक माणिकराव ठाकरे ने आज कांग्रेस विधायक दल की बैठक की। उन्होंने कहा कि विधायक दल के साथ बैठक की रिपोर्ट कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को सौंपेंगे। बता दें पार्टी अध्यक्ष को रिपोर्ट सौंपने के बाद सीएम के नाम पर फैसला किया जाएगा। वहीं राजनीतिक गलियारों के मौजूदा सूत्रों के मुताबिक, तेलंगाना के कांग्रेस प्रमुख रेवंत रेड्डी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे हैं।
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वहीं इसी बीच, तेलंगाना के राज्यपाल ने मंत्रिपरिषद की सिफारिश के बाद राज्य विधानसभा को भंग कर दिया है।
पांचों राज्यों में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि चुनाव के नतीजे निराशाजनक रहे हैं, लेकिन हम निराश नहीं हैं। राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की हार पर मंथन हो रहा है। हमारा संकल्प दृढ़ है, हम लड़ते रहेंगे। आगमी लोकसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा, हम जल्द तैयारी शुरू कर देंगे। छह दिसंबर को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी गठबंधन के दलों की बैठक बुलाई है।
शीतकालीन सत्र को लेकर कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की तरफ से हमने मांग की है कि मौजूदा आर्थिक स्थिति पर दोनों सदनों में चर्चा की जानी चाहिए। हमें उम्मीद है कि सरकार इन मुद्दों पर चर्चाएं करेंगी। आर्थिक स्थिति को लेकर जल्द सदनों में चर्चाएं की जानी चाहिए। इसके साथ ही राजनीतिक स्थिति, सीमावर्ती समस्याओं, विदेश नीति को लेकर हम चर्चा चाहते हैं।