तेलंगाना सरकार ने अब नए सचिवालय परिसर के निर्माण के लिए मौजूदा इमारत को तोड़ने का फैसला किया है। इससे पहले राज्य सरकार ने इस कार्य के लिए रक्षा मंत्रालय के स्वामित्व वाले बाइसन पोलो मैदान की मांग की थी। आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि नए सचिवालय परिसर का निर्माण जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। राज्य सरकार इस दौरान कर्मचारियों को समायोजित करने के लिए एक कार्यालय की जगह ढूंढने की प्रक्रिया में है।
सूत्रों ने पीटीआई को बताया, "नया सचिवालय मौजूदा स्थान पर बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव 21 जून को कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना का उद्घाटन करने के बाद नए सचिवालय परिसर के डिजाइन की स्पष्ट तस्वीर और इसकी आधारशिला रखे जाने के समय का खुलासा करेंगे।"
उन्होंने कहा, "सरकार सभी कर्मचारियों और फर्नीचर को शहर में स्थित कुछ कार्यालयों में अस्थायी रूप से स्थानांतरित करेगी। कार्यालय के लिए जगह मिलना कोई दिक्कत वाली बात नहीं है। हालांकि अभी कोई ठोस योजना नहीं है कि स्थानांतरण कब होगा। वरिष्ठ अधिकारियों को उपयुक्त जगह ढूंढने के लिए कहा गया है।"
उन्होंने बताया, "सरकार पूरे शहर में स्थित कुछ कार्यालयों में अस्थायी रूप से सभी कर्मचारियों और फर्नीचर को स्थानांतरित करना चाहती है। कार्यालय की जगह प्राप्त करना कोई समस्या नहीं है। हालांकि किसी भी ठोस योजना के बारे में सूचित नहीं किया गया है कि स्थानांतरण कब होगा, वरिष्ठ अधिकारियों को उपयुक्त स्थानों की पहचान करने के लिए कहा गया है।"
सूत्रों ने कहा कि सचिवालय के अधिकांश कार्यालय, शहर के बीचोंबीच ऐतिहासिक हुसैन सागर झील से सटे लगभग 25 एकड़ की भूमि पर स्थित हैं। उन्हें वहां स्थानांतरित किया जाएगा जहां फिलहाल संबंधित विभागों के प्रमुख मौजूद हैं।
तेलंगाना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, आंध्र प्रदेश सरकार अपने कब्जे वाली इमारत को बहुत तेजी से खाली कर रही है और उम्मीद है कि इसे दोनों राज्यों के राज्यपाल, ई एस एल नरसिम्हन के आदेश के अनुसार 19 जून तक तेलंगाना सरकार को सौंप देगी।
आंध्र प्रदेश सरकार को 2014 में राज्य के विभाजन के बाद सचिवालय परिसर में स्थित कुछ इमारतों को आवंटित किया गया था और राज्यपाल ने हाल ही में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 की धारा 8 के तहत तेलंगाना को इमारतों के पुन: आवंटन का आदेश दिया था।