विधानसभा चुनाव में रेवंत रेड्डी कोडंगल सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। वहीं, बीआरएस ने उनके खिलाफ इस सीट पर पटनम नरेंद्र रेड्डी को मैदान में उतारा है। केसीआर ने विभिन्न चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो वह धरणी (तेलंगाना का आधिकारिक भूमि रिकॉर्ड प्रबंधन पोर्टल) को बंगाल की खाड़ी में फेंक देगी, जिससे भ्रष्ट अधिकारियों और बिचौलियों का शासन फिर से शुरू हो सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीआरएस (तब टीआरएस) विधायकों को खरीदने के लिए रेवंत रेड्डी को पचास लाख रुपये के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया था। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया था। जेल में समय बिताने के बाद भी उन्हें शर्म नहीं हैं। राव ने भविष्यवाणी की कि कांग्रेस को चुनाव में 20 सीटें भी नहीं मिलेंगी और रेवंत रेड्डी मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे।
मोहम्मद अजहरुद्दीन असफल नेता, सत्ता में नहीं लौटेगी बीआरएस: ओवैसी
वहीं, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने जुबली हिल्स विधानासभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार मोहम्मद अजहरुद्दीन को एक 'असफल राजनेता' करार किया दिया और उम्मीद जताई कि मतदाता वहां उनकी पार्टी के उम्मीदवार का समर्थन करेंगे। मीडिया से बात करते हुए लोकसभा सांसद ने तीस नवंबर को होने वाले चुनाव के बाद तेलंगाना में त्रिशंकु विधानसभा की संभावना से भी इनकार किया। उन्होंने कहा कि बीआरएस राज्य की सत्ता में वापसी नहीं करेगी।
ओवैसी ने पत्रकारों से कहा, 'कांग्रेस उम्मीदवार (अजहरुद्दीन) एक असफल राजनेता हैं। मुरादाबाद उत्तर प्रदेश की प्रतिष्ठित सीटों में से एक हैं। उन्हें वहां वोट मिले, लेकिन उन्होंने उस निर्वाचन क्षेत्र के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने पीछे मुड़कर देखा भी नहीं।' उन्होंने आगे कहा कि अजहरुद्दीन ने राजस्थान में चुनाव लड़ा लेकिन असफल रहे। उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र की देखभाल करने की भी जहमत नहीं उठाई। ओवैसी ने कहा, वह एक गंभीर राजनेता नहीं हैं..वह एक अच्छे क्रिकेटर हैं। शुरुआत में उन्होंने लगातार तीन शतक लगाए थे।
येदियुरप्पा ने कांग्रेस के 'कर्नाटक मॉडल' पर साधा निशाना
उधर, भाजपा के वरिष्ठ नेता बीएस येदियुरप्पा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह सत्ता में आने के बाद अपनी पांच चुनाव पूर्व 'गारंटी' को लागू नहीं कर रही है और लोगों को धोखा दे रही है। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री ने तेलंगाना की जनता से अपील की कि वे कांग्रेस पार्टी के झूठे और खोखले वादों के झांसे में न आएं।
पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, कांग्रेस का 'कर्नाटक मॉडल' अन्य राज्यों में चुनावी मॉडल है। कांग्रेस ने कर्नाटक में मतदाताओं को पांच गारंटी देने का वादा किया था और इस साल मार्च में चुनाव जीता था। अब वह तेलंगाना और अन्य चुनावी राज्यों में 'कर्नाटक मॉडल' को बेच रही है। उन्होंने कहा, हकीकत में पार्टी ने चुनाव जीतने के बाद कर्नाटक के लोगों की आंखों में धूल झोंकी है। कांग्रेस सरकार गारंटी योजनाओं को लागू करने में विफल रही है।