केंद्रीय जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा, विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत मंगलवार को हैदराबाद में कांग्रेस नेता के आवास पर छापेमारी की गई। इसके अलावा, हैदराबाद में उनकी कंपनी विसाका इंडस्ट्रीज लिमिटेड के कार्यालय परिसर और रामागुंडम में विजिलेंस सिक्योरिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और मंचेरियल जिले के हाईटेक सिटी में उनके अस्थायी निवास की भी तलाशी ली गई।
पूर्व सांसद वेंकटस्वामी (65 वर्षीय) तेलंगाना के विधानसभा चुनाव में सबसे अमीर उम्मीदवार हैं। उन्होंने अपनी 600 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है। राज्य की 119 विधानसभा सीटों पर तीस नवंबर को मतदान होगा।
वेंकटस्वामी ने इस महीने की शुरुआत में भाजपा से इस्तीफा दे दिया था और हैदराबाद में पार्टी नेता राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हो गए थे। वह पहले कांग्रेस में ही थे, जहां से वह बीआर और फिर भाजपा में चले गए थे।
ईडी को जानकारी मिली थी कि विवेक (जिन्हें डॉक्टर गद्दाम विवेकानंद के रूप में भी जाना जाता है) के बैंक खाते से विजिलेंस सिक्योरिटी सर्विस लिमिटेड के साथ आठ करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है। इसके बाद जांच के लिए एजेंसी ने छापेमारी शुरू की।
एजेंसी ने दावा किया, विजिलेंस सिक्योरिटी के बैंक खाते का इस्तेमाल बिना किसी वास्तविक कारोबार के पैसे ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था और विवेक, उनकी पत्नी व उनकी कंपनी विसाका इंडस्ट्रीज का विजिलेंस सिक्योरिटी के साथ सौ करोड़ रुपये से ज्यादा लेन-देन था। इसने आगे कहा, तलाशी अभियान में डिजिटल उपकरण और करोड़ों रुपये के संदिग्ध व बेहिसाब लेन-देन का संकेत देने वाले दस्तावेजों को जब्त किया गया है। संपत्ति के सौदों में बेहिसाब नकदी का इस्तेमाल किया गया।
ईडी ने कहा कि जब्त किए गए दस्तावेजों से यह भी पता चलता है कि समूह की कंपनियों के भीतर बड़े पैमाने पर अंतर-कंपनी जमा राशियां (इंटर-कॉरपोरेट डिपॉजिट्स) हैं, जिनका कोई वैध कारोबार नहीं है, लेकिन उनके पास बड़े पैमाने पर जमीन की संपत्ति है।