फंड के दुरुपयोग और विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम(एफसीआरए) के मामले में फंसी सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ और उसके पति की अंतरिम जमानत सुप्रीम कोर्ट ने 29 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दी है।
साथ ही अब इस मामले की सुनवाई दूसरे पीठ के समक्ष होगी। तीस्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने पीठ से गुहार की कि राहत अगले आदेश तक के लिए बढ़ा दी जाए लेकिन पीठ ने इससे इनकार कर दिया। पीठ ने कहा कि इस पर दूसरी पीठ निर्णय लेगी।
मालूम हो कि तीस्ता और उसके पति पर फंड के दुरुपयोग और एफसीआरए के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पहले मामले की जांच गुजरात पुलिस कर रही है जबकि दूसरे मामले की जांच सीबीआई कर रही है।