सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह बताने के लिए कहा है कि उनके यहां कुत्तों के काटने से कितने लोगों की मौत हो चुकी है। साथ ही अदालत ने सभी राज्यों को आवारा कुत्तों का बंध्याकरण और टीकाकरण करने का निर्देश दिया है।
एनिमल राइट्स ग्रुप की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने राज्यों को निर्देश दिया कि पशु कल्याण बोर्ड की निगरानी में आवारा कुत्तों का बंध्याकरण और टीकाकरण कराया जाए।
मामले की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने 12 जुलाई की तारीख मुकर्रर की है। पीठ ने यह भी साफ किया कि यह काम प्रीवेंशन ऑफ क्रूएलिटी टू एनिमल एक्ट के दायरे में रखकर किया जाना चाहिए।
शीर्ष अदालत ने कहा कि कोई भी संस्था या समूह इस अदालती आदेश के पालन में बाधा न डाले। अदालत ने पशु कल्याण बोर्ड से कहा कि वह सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद मॉड्यूल तैयार करे।