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सियासत: प्रशांत किशोर की टीम को त्रिपुरा में किया गया नजरबंद, टीएमसी बिफरी

Tue, 27 Jul 2021 05:59 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला

सार

  • जगह-जगह घूम रहे थे पीके की कंपनी के सदस्य
  • राज्य में अगले साल होने वाले चुनाव को लेकर रिसर्च करने गई थी टीम
  • भाजपा ने अभी तक इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है
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प्रशांत किशोर - फोटो : PTI
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विस्तार
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देश के जाने माने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की टीम के लगभग 23 सदस्यों को त्रिपुरा में पुलिस ने होटल में नजरबंद कर दिया। त्रिपुरा पुलिस ने उनको कोरोना की रिपोर्ट के आने तक वहीं ठहरने को कहा है। खबरों के मुताबिक प्रशांत किशोर अपनी कंपनी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी के सदस्यों के साथ त्रिपुरा में 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर आकलन करने पहुंचे थे।

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पुलिस ने बताया कि प्रशांत किशोर से कोविड-19 प्रोटोकॉल का उल्लंघन को लेकर पूछताछ की जा रही है। साथ ही पुलिस का कहना है कि ये लोग बाहर के राज्य से आए थे और कोरोना कर्फ्यू के बीच अलग-अलग जगहों पर घूमते दिखाई दिए। जानकारी मिलने पर पूर्वी अगरतला पुलिस सभी को हिरासत में ले लिया।

पुलिस ने दी चेतावनी
पुलिस ने इनकी कोरोना जांच कराई और निगेटिव आरटी-पीसीआर रिपोर्ट आने तक होटल में ठहरने को कहा। पुलिस ने चेतावनी दी है कि राज्य छोड़ने के लिए हवाईअड्डे जाने के अलावा होटल से बाहर न निकलें।
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प्रशांत और उनकी टीम के नजरबंद की खबर आते ही टीएमसी ने इसे लोकतंत्र पर हमला करार दिया है। टीएमसी के त्रिपुरा इकाई के अध्यक्ष आशीष लाल सिंह ने कहा कि आई-पीएसी की टीम यहां एक सर्वेक्षण के लिए आई थी। राज्य सरकार ने उन्हें नजरबंद कर दिया है क्योंकि वे अपने सर्वेक्षण के परिणामों से डरते हैं। यह त्रिपुरा की संस्कृति नहीं है और मैं इस घटना की निंदा करता हूं।

गौरतलब है कि बंगाल चुनाव में टीएमसी की जीत में प्रशांत किशोर ने काफी सक्रिय भूमिका निभाई थी। उन्होंने चुनाव के शुरू में ही भाजपा के हारने की बात कह दी थी। लेकिन इस मुद्दे पर भाजपा ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। त्रिपुरा में भाजपा की सरकार है और बिप्लब कुमार देव यहां के मुख्यमंत्री हैं।

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