टाटा मोटर्स ने मंगलवार को बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बेस्ट) उपक्रम के लिए 1,400 इलेक्ट्रिक बसों की निविदा प्रक्रिया से अयोग्य करार दिए जाने को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया। न्यायमूर्ति नितिन साम्ब्रे और न्यायमूर्ति अनिल पानसरे की अवकाश पीठ ने टाटा मोटर्स को अयोग्यता को चुनौती देने वाली याचिका पर अपना जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। टाटा मोटर्स ने दावा किया है कि बेस्ट ने निविदा निर्देशों से कथित रूप से हटाने के लिए गलती से अपनी बोली को तकनीकी रूप से गैर-प्रतिक्रियाशील करार दिया था।
टाटा मोटर्स द्वारा दायर याचिका के अनुसार, बेस्ट ने इस साल 26 फरवरी को दो-बोली वाले ई-निविदा के लिए मुंबई और उसके उपनगर में 1400 सिंगल-डेकर एसी इलेक्ट्रिक बसों के सार्वजनिक परिवहन के लिए स्टेज कैरिज सेवाओं के संचालन के लिए एक ई-निविदा नोटिस प्रकाशित किया था। याचिका में कहा गया है कि टाटा मोटर्स ने 25 अप्रैल को अपनी तकनीकी और वित्तीय बोली जमा की थी। हालांकि, 6 मई को बेस्ट ने निविदा का तकनीकी उपयुक्तता मूल्यांकन प्रकाशित किया और गलत तरीके से टाटा मोटर्स की बोली को तकनीकी रूप से गैर-प्रतिक्रियात्मक घोषित कर दिया।
इसने यह भी दावा किया कि टोटो (TOTO) शर्तों की स्वीकृति भी जमा नहीं की गई थी। टाटा मोटर्स ने अपनी याचिका में टेंडर प्रक्रिया पर रोक लगाने की भी मांग की है। हाईकोर्ट इस मामले में 23 मई को आगे सुनवाई करेगा।