विदुथलई चिरुथैगल काच्चि (वीसीके) के प्रमुख टी तिरूमावलवन की 'मनुस्मृति' पर की गई टिप्पणी को लेकर मामला बढ़ गया है। पूरे राज्य में उनके बयान का विरोध हो रहा है। इसी बीच भाजपा नेता खुशबू सुंदर भी वीसीके के बयान के विरोध में भाजपा महिला विंग के साथ प्रदर्शन करने कुड्डलोर जा रही थीं लेकिन पुलिस ने उन्हें बीच में ही हिरासत में ले लिया।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अगर उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति दी जाती तो कानून-व्यवस्था का मुद्दा हो सकता था और एहतियाती तौर पर उन्हें हिरासत में लिया गया। जब खुशबू और अन्य कार्यकर्ताओं को ईस्ट कोस्ट रोड पर एक रिसार्ट के परिसर में रखा गया तो उन्होंने नारेबाजी करते हुए थिरुमावलवन की गिरफ्तारी की मांग की।
परिसर में धरना दे रहीं खुशबू सुंदर ने कहा, ‘महिलाओं के खिलाफ थिरुमावलवन की टिप्पणी के विरोध में प्रदर्शन किया गया। मैं उन्हें बड़ा भाई कहती हूं और उनका काफी सम्मान करती हूं। लेकिन मुझे नहीं पता कि इस टिप्पणी के बाद मैं उन्हें क्या कहकर संबोधित करूंगी।'
सुंदर ने कहा कि चेंगलपेट जिले में प्रवेश करते ही उन्हें और भाजपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता सीपी राधाकृष्णन ने सुंदर को हिरासत में लिए जाने की आलोचना की। थिरुमावलवन सोमवार को जब इरोड गए थे उस वक्त तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
क्या है मनुस्मृति
ब्रह्मा के पुत्र मनु द्वारा मनुस्मृति लिखी गई थी। ऐसा मााना जाता है कि इन्हीं मनु की संतानों को मनुष्य और मानव कहा गया। मनुस्मृति प्राचीन सामाजिक और धार्मिक व्यवस्था के बारे में बताती है। इसे लेकर विवाद है कि इसमें महिलाओं, निचली जातियों आदि के बारे में कुछ विवादित श्लोक हैं।