तमिलनाडु के शिवगंगा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जिला शाखा के सदस्य सतीश कुमार की हत्या कर दी गई। शिवगंगा पुलिस ने बताया कि सतीश कुमार और उनके परिचित मणिभारती के बीच कल एक मामूली कहासुनी और हल्की झड़प हुई थी। इस झगड़े के बाद सतीश कुमार बेहोश होकर गिर पड़े और बाद में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने बताया कि सतीश कुमार के शरीर पर कोई बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। शुरुआती जांच से पता चला है कि इस घटना में किसी भी प्रकार के हथियार का इस्तेमाल नहीं हुआ है। पुलिस का कहना है कि इस घटना का किसी राजनीतिक पार्टी, धर्म या जाति से कोई संबंध नहीं है। यह पूरी तरह से व्यक्तिगत विवाद के चलते हुई एक घटना थी, जिसका कोई पुराना झगड़ा या दुश्मनी से लेना-देना नहीं है।
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पुलिस ने कुछ संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है और मामले की जांच जारी है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि इस घटना में किसी भी आपराधिक रिकॉर्ड वाले व्यक्ति की संलिप्तता नहीं है। सतीश कुमार की मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
इससे पहले अधिकारियों ने बताया था कि सतीश को एक गिरोह ने कथित तौर पर पीट-पीटकर मार डाला। घटना के समय सतीश कुमार और हमलावर सभी शराब के नशे में थे। पुलिस इस मामले में पांच से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर रही है, लेकिन मुख्य आरोपी अब भी फरार हैं। शिवगंगा पुलिस ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आज गिरफ्तारी हो जाएगी।
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यह घटना ऐसे समय पर हुई है, जब दो महीने पहले ही तमिलनाडु में एक और भाजपा कार्यकर्ता की बेरहमी से हत्या की गई थी। चार जुलाई को 39 वर्षीय बालकृष्णन की दिंडीगुल जिले के सनारपट्टी के पास हत्या कर दी गई थी। वह अपने दोस्तों से बात कर रहे थे, तभी बाइक सवार हमलावरों ने सरेआम उन पर हमला कर दिया था।