इसरो के नए प्रक्षेपण परिसर से संबंधित एक विज्ञापन में ‘चीनी झंडा’ दिखने को लेकर विवादों में घिरी तमिलनाडु सरकार ने अब सफाई दी है। विवाद के एक दिन बाद द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की नेता और मत्स्य पालन मंत्री अनीता आर. राधाकृष्णन ने कहा कि यह डिजाइनर की गलती थी। पार्टी की ओर से विज्ञापन देने वाली मंत्री ने कहा कि यह केवल एक गलती थी और द्रमुक का कोई दूसरा इरादा नहीं था। हमारे दिलों में भारत के लिए सिर्फ प्यार है।
राधाकृष्णन ने कहा कि यह उनकी पार्टी का रुख है कि भारत एकजुट रहना चाहिए। देश में जाति या धर्म के आधार पर टकराव की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। द्रमुक के दिवंगत संरक्षक एम. करुणानिधि ने ही सबसे पहले तमिलनाडु में कुलसेकरपट्टिनम में इसरो के एक नए प्रक्षेपण परिसर की मांग उठाई थी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और थूथुकुडी से लोकसभा सदस्य कनिमोई ने केंद्र से राज्य में प्रक्षेपण परिसर स्थापित करने का आग्रह किया था। यही कारण है कि परियोजना को तमिलनाडु में लाने के लिए द्रमुक नेताओं के प्रयासों को सबके सामने के इरादे से एक विज्ञापन प्रकाशित करने का फैसला किया गया। विज्ञापन डिजाइन करने वालों ने एक गलती की, जिस पर उनका ध्यान नहीं गया।
भाजपा ने की माफी की मांग
हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन ने मांग की कि द्रमुक उस विज्ञापन को प्रकाशित करने के लिए लोगों से माफी मांगे। मुरुगन ने कहा कि विज्ञापन में भारतीय ध्वज लगाना हमारा कर्तव्य है। द्रमुक को लोगों से माफी मांगनी चाहिए।
पीएम मोदी ने साधा था निशाना
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कुलसेकरापट्टिनम में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के नये प्रक्षेपण परिसर का शिलान्यास किया, जिसकी लागत लगभग 986 करोड़ रुपये है और इसके बनकर तैयार होने पर यहां से हर साल 24 प्रक्षेपण किए जा सकेंगे।
इस दौरान एक रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने आरोप लगाया था कि द्रमुक सरकार काम नहीं करती है, बल्कि केवल झूठा श्रेय लेती है। केंद्रीय योजनाओं पर अपने स्टिकर चिपकाती है।
उन्होंने कहा था कि उन्होंने इस बार तो सभी हद पार कर दी है। उन्होंने तमिलनाडु में इसरो प्रक्षेपण परिसर का श्रेय लेने के लिए चीन का स्टिकर चिपका दिया है। यह हमारे देश का अपमान है, हमारे देशभक्त अंतरिक्ष वैज्ञानिकों का अपमान है। तमिलनाडु के लोग द्रमुक को इसके लिए सजा देंगे।