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संदेशखाली: 'अभी खुशी अधूरी, फांसी से कम कुछ भी मंजूर नहीं'; TMC नेता शाहजहां शेख की गिरफ्तारी पर पीड़िताएं

Fri, 01 Mar 2024 06:31 AM IST
ज्योति भास्कर एन अर्जुन, अमर उजाला, कोलकाता

सार

पश्चिम बंगाल का संदेशखाली लगातार चर्चा में है। आरोपी नेता शाहजहां शेख की गिरफ्तारी के बाद पीड़ित महिलाओं ने कहा है कि अभी उनकी खुशी अधूरी है। फांसी से कम कुछ भी मंजूर नहीं है।
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पश्चिम बंगाल में संदेशखाली की पीड़िताएं (फाइल) - फोटो : ANI
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में गुरुवार की सुबह अन्य दिनों से थोड़ा अलग रही। लोगों को जैसे ही पता चला कि तृणमूल नेता शाहजहां शेख को गिरफ्तार कर लिया गया है, उन्होंने जश्न मनाना शुरू कर दिया। खुशी के साथ ही यहां की महिलाओं का दु:ख और गुस्सा भी छलक उठा। महिलाओं ने कहा, यह आप सबके लिए हो सकता है 55 दिन, लेकिन अगर आप हमसे और महिलाओं से पूछेंगे तो यह कई वर्षों का इंतजार है।
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महिलाओं ने कहा कि हम तो कई वर्षों से सोईं ही नहीं हैं। कितने ही रातें हमने जाग कर काटी हैं, कितने ही अत्याचार सहे हैं। पिछले कई वर्षों से हम इस दिन का इंतजार कर रही थीं। उन्होंने कहा, अब हम चैन की नींद सो सकती हैं। हम अब अपने हिसाब से चुनाव में मनमर्जी से वोट डाल सकेंगे। महिलाओं के यौन उत्पीड़न और जमीन हथियाने का आरोप झेल रहे शाहजहां शेख, उत्तम सरदार और शिबू हाजरा तीनों अब सलाखों के पीछे हैं। महिलाओं ने कहा, तीनों को फांसी से कम हमें कुछ मंजूर नहीं।

अब सो पाएंगी चैन की नींद
महिलाओं ने कहा, शाहजहां और उसके अन्य साथियों उत्तम हाजरा, शिबू सरदार की दहशत पिछले कई वर्षों से जारी थी। उनके अत्याचार और भय के चलते महिलाएं रात-रात सो नहीं पाती थीं। डर लगा रहता था कि किस समय शेख के गुंडे आएंगे और उठाकर ले जाएंगे। इसी डर और भय में जी रहे थे लेकिन अब हम कई वर्षों बाद बिना डर के सो पाएंगी। बिना भय के चैन की नींद सो पाएंगी।
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अपने मन से डाल पाएंगे वोट, चुनेंगे सरकार
गांव के एक किसान ने कहा, अब जब शेख और उसके शार्गिद पुलिस हिरासत में हैं तो कह सकते हैं कि हम अब चुनाव में आसानी से वोट डाल पाएंगे। अपनी मर्जी से वोट डालेंगे। जब तक वे थे, तब तक हमारा कोई जोर नहीं था। हम अपनी मर्जी से अब अपनी सरकार चुना पाएंगे। एक युवक ने कहा, यह हमारी असली खुशी नहीं है। हम गांव के लोग तो असली खुशी तब मनाएंगे, जब इनको कठोर सजा होगी। हमारी मां-बहनों के साथ घिनौनी हरकत करने वालों को फांसी की सजा होगी। जिस दिन बांध बनाने के नाम पर लिए गए पैसे वापस आएंगे और जिस दिन पोखर बनाई गई खेती योग्य जमीन हमको फिर से मिलेगी, उस दिन असली खुशी मिलेगी।

शेख पर दुष्कर्म की धारा नहीं लगी
शेख के साथियों पर तो दुष्कर्म की धाराएं पुलिस ने बढ़ा दी थीं लेकिन महिलाओं के आरोप के बावजूद शेख पर दुष्कर्म की धारा नहीं बढ़ाई गई है। पुलिस का कहना है कि शेख को राशन घोटाला मामले में उसके घर पर छापे के दौरान 5 जनवरी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों पर हमले के संबंध में नजात पुलिस स्टेशन में दर्ज दो मामलों में गिरफ्तार किया गया। उस पर आईपीसी की धारा 147 (दंगा करने का दोषी), 148 (घातक हथियार से लैस होकर दंगा करने का दोषी), 149 (गैरकानूनी जमावड़ा), 307 (हत्या का प्रयास), 333 (जो स्वेच्छा से किसी भी व्यक्ति को गंभीर चोट पहुंचाता है) और 392 (डकैती) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

कानूनी उलझन के चलते पहले नहीं हो सकी गिरफ्तारी : तृणमूल
तृणमूल कांग्रेस प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि कानूनी उलझन के कारण शुरुआत में शाहजहां शेख की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। हालांकि, अदालत के यह स्पष्ट किए जाने के बाद कि उसकी गिरफ्तारी पर कोई रोक नहीं है, पश्चिम बंगाल पुलिस ने अपना काम किया। विपक्ष ने उसकी गिरफ्तारी पर लगी ‘रोक’ का फायदा उठाया। हमने कहा था कि शेख को सात दिन में गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

शेख कानूनी संरक्षण में, पुलिस कर रही मेहमाननवाजी : त्रिवेदी
भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि शाहजहां शेख की गिरफ्तारी तो हो गई लेकिन उस पर महिलाओं के आरोपों के अनुसार दुष्कर्म की धारा नहीं लगाई है। यदि उसकी गिरफ्तारी ईडी पर हमले में की गई है तो बंगाल सरकार उसे ईडी को क्यों नहीं सौंप रही। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी और सीबीआई शेख को गिरफ्तार न कर सके, इसलिए उसकी तथाकथित गिरफ्तारी की गई। शेख के बर्ताव पर उन्होंने कहा कि शेख का जलवा देखिए। वह पुलिस के आगे चल रहा था और उसके हाथ में हथकड़ी भी नहीं थी। साफ है कि पुलिस ने गिरफ्तारी संरक्षण प्रदान करने के लिए की है। हिरासत में खूब मेहमाननवाजी की जाएगी।
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