तमिलनाडु में स्थित टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के संयंत्र में आग लगने के चलते उत्पादन अनिश्चितकाल के लिए ठप हो गया है। इस संयंत्र में एपल आईफोन 15 और आईफोन 16 के कलपुर्जे बनाए जाते हैं। अधिकारियों ने बताया कि शिपमेंट पर कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि अगले तीन महीनों के लिए पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। एक सूत्र ने बताया कि एपल और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के अधिकारियों ने स्थिति की समीक्षा के लिए बैठकें की हैं।
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने आईफोन केस का उत्पादन फिर से शुरू करने के लिए कोई समयसीमा नहीं बताई है। फिलहाल उत्पादन अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स पहली भारतीय कंपनी है जिसे एपल ने आईफोन के कलपुर्जों की आपूर्ति के लिए चुना है। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स को अक्तूबर के पहले सप्ताह के अंत तक उत्पादन फिर से शुरू करने की उम्मीद है।
शिपमेंट पर कोई असर नहीं पड़ेगा
एक अन्य सूत्र ने बताया कि टाटा संयंत्र में उत्पादन में व्यवधान से आईफोन केसों की शिपमेंट पर कोई असर नहीं पड़ेगा। एपल के पास अगले तीन महीनों के लिए आईफोन केस का स्टॉक है। कंपनी ने उसके बाद केस के आयात की योजना पर भी काम करना शुरू कर दिया है।
जिला अग्निशमन अधिकारी एम. वेलु ने बताया कि हमने होसूर स्थित संयंत्र में दमकल गाड़ियां तैनात की हैं, क्योंकि दुर्घटना के दौरान गिरे शेडों को हटाने पर आग लगने या धुआं निकलने की आशंका है। साथ ही बताया कि हमें अभी तक आग लगने का कारणों का पता नहीं चल पाया है। संयंत्र में शनिवार तड़के आग लग गई थी। इसमें 10 लोग मामूली रूप से घायल हुए थे और उत्पादन ठप हो गया। यह देश में एपल की आईफोन आपूर्ति शृंखला को प्रभावित करने वाली नई घटना है। प्रौद्योगिकी क्षेत्र की यह दिग्गज कंपनी चीन से आगे विस्तार करने की कोशिश कर रही है और भारत को एक प्रमुख विकास बाजार के रूप में देख रही है।
एपल ने इस घटना पर कोई टिप्पणी नहीं की है, जबकि टाटा ने कहा है कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और उसके संयंत्र में आपातकालीन प्रोटोकॉल के तहत यह सुनिश्चित किया गया है कि उसके कर्मचारी सुरक्षित रहें। बचाव दल सोमवार को भी मलबा हटाने में जुटे रहे तथा भारी क्षति के कारण अधिकारियों को निरीक्षण करने में कठिनाई हो रही है।