तमिलनाडु राज्य परिवहन निगम की बस में छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न करने के आरोप में गिरफ्तार सरकारी बस कंडक्टर को शनिवार को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। जिसके बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। पुलिस ने इसकी जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि आरोपी कंडक्टर को बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो ) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था। गौरतलब है कि आरोपी कंडक्टर को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया था।
क्या है मामला
पुलिस ने बताया कि तमिलनाडु राज्य परिवहन निगम की बस को गोबिचेट्टीपलायम से नाम्बियुर गांव के लिए दैनिक आधार पर चलाया जाता है। इस बस में कुछ छात्र और छात्राएं कुरुमंदूर के सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल जाते हैं। इसी बस में सरकारी बस कंडक्टर सरवनन स्कूल आती-जाती छात्राओं का यौन उत्पीड़न करता था।
प्रधानाध्यापक की चेतावनी के बाद भी नहीं आया बाज
पुलिस ने आगे बताया कि पहले तो छात्राएं इस बारे में शांत रहीं। बाद में उन्होंने अपने स्कूल के प्रधानाध्यापक को कंडक्टर के कारनामों के बारे में बताया। छात्राओं की शिकायत के बाद प्रधानाध्यापक ने कंडक्टर को फोन कर चेतावनी भी दी थी। इसके बावजूद कंडक्टर अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और वह छात्राओं से बदसलूकी करता रहा।
परिजनों ने की धुनाई
इस पर छात्राओं नें अपने घरों पर अपने माता-पिता को कंडक्टर की हरकतों के बारे में जानकारी दी। जिसके बाद शुक्रवार को गुस्साए करीब 50 अभिभावकों ने पुधु सुरीपालयम बस स्टॉप पर बस को रोक लिया और कंडक्टर की धुनाई कर दी। इसके बाद नंबियार पुलिस स्टेशन जाकर उसके खिलाफ मामला दर्ज कराया। परिजनों की शिकायत के आधार पर सरकारी बस कंडक्टर के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। अब न्यायिक हिरासत में लेकर पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।