सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीवीएसी) के अधिकारियों ने कथित अनियमितताओं के दो अलग-अलग मामलों में अन्नाद्रमुक के दो पूर्व मंत्रियों के परिसरों पर कई शहरों में तलाशी ली। वहीं, इस कार्रवाई पर अन्नाद्रमुक के अंतरिम प्रमुख के पलानीस्वामी ने आरोप लगाया कि पिछले सप्ताह लागू हुए संशोधित बिजली दरों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए सत्ताधारी द्रमुक की ओर तलाशी अभियान चलाया गया।
पूर्व मंत्री एसपी वेलुमणि के ठिकानों पर भी छापेमारी
2015-18 के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूदा स्ट्रीट लाइट को एलईडी लाइट से बदलने के मामले में कोयंबटूर में अन्नाद्रमुक नेता एसपी वेलुमणि के 31 परिसरों पर तलाशी ली गई। जिसके बाद डीवीएसी ने उनके और 9 अन्य लोगों के खिलाफ इस आरोप में एक आपराधिक मामला दर्ज किया। एसपी वेलुमणि पर आरोप है कि उन्होंने लाइटों को बदलने में अपनी करीबी से जुड़ी कंपनियों को अनुचित तरीके से निविदाएं देने में अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया। डीवीएसी ने अपनी बयान में कहा है कि इससे सरकारी खजाने को लगभग 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इस मामले में आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
निदेशालय ने अपने बयान में यह भी कहा है कि 32.98 लाख रुपये नकद, 1,228 ग्राम सोने के गहने और 10 चौपहिया वाहनों की पहचान की गई है। इसमें कहा गया है कि 316 आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए।
#WATCH | Tamil Nadu Police detained seven AIADMK MLAs and several workers for protesting outside the residence of former state minister SP Velumani in Coimbatore against the raid by the Directorate of Vigilance and Anti-Corruption. https://t.co/5NK8AcYRhs pic.twitter.com/2azTPKlVFa