स्टालिन ने कहा कि राष्ट्रीय राजनीति में हमारा महत्व हमेशा रहा है। द्रमुक हमेशा वह पार्टी रही है जो देश के बड़े फैसलों में अहम रोल अदा करती है। देश का प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति कौन बन सकता है, इसमें हमारी अहम भूमिका है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रमुक प्रमुख एमके स्टालिन ने शुक्रवार को भाजपा के खिलाफ सभी दलों को साथ आने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, वाम दलों और भाजपा का विरोध करने वाले सभी क्षेत्रीय दलों को साथ आना होगा, ताकि केंद्र में सत्तारुढ़ दल का सामना करने के लिए एक संयुक्त मोर्चा बनाया जा सके। सभी को अपनी व्यक्तिगत राजनीतिक मानसिकता को एक तरफ रख देना चाहिए और भारत को बचाने के लिए एक साथ आना चाहिए।
विज्ञापन
अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में स्टालिन ने कहा कि मेरी दलील है कि अगर हम भारत की विविधता, संघवाद, लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, समानता, बंधुत्व, राज्य के अधिकार, शिक्षा अधिकारों को संरक्षित करना चाहते हैं, तो हम सभी को चाहिए कि हम साथ आएं और भाजपा का मिलकर मुकाबला करें।
स्टालिन ने कहा कि राष्ट्रीय राजनीति में हमारा महत्व हमेशा रहा है। द्रमुक हमेशा वह पार्टी रही है जो देश के बड़े फैसलों में अहम रोल अदा करती है। देश का प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति कौन बन सकता है, इसमें हमारी अहम भूमिका है। द्रमुक अब संसद में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है।
विज्ञापन
स्टालिन ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि राज्य की राजनीति और राष्ट्रीय राजनीति में कोई अंतर है। राष्ट्रीय राजनीति राज्यों की राजनीति का मेल है। इसलिए दोनों को अलग नहीं किया जा सकता। स्टालिन ने कहा कि भाजपा का विरोध करने का मतलब किसी राजनीतिक दल से कोई व्यक्तिगत नफरत नहीं है। आपको ऐसा नहीं सोचना चाहिए। हम भाजपा की नीतियों की आलोचना करते हैं, व्यक्तिगत व्यक्तियों की नहीं। इसलिए हमारी सभी आलोचनाएं सैद्धांतिक हैं।