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Tamil Nadu: अजित को इतना मारा कि डैमेज हो गया ब्रेन, 44 जगह आईं चोटें; पुलिस हिरासत में मौत मामले में खुलासा

Fri, 04 Jul 2025 11:20 AM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई

सार

एक मंदिर के सुरक्षा गार्ड अजित कुमार की 28 जून को तिरुबुवनम पुलिस स्टेशन में हिरासत में मौत हो गई थी। एक श्रद्धालु की कार से चोरी के मामले में उसे पुलिस स्टेशन ले जाया गया था। परिजनों ने पुलिस पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बड़ा सच उजागर किया है। 
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अपराध - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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तमिलनाडु के शिवगंगा जिले में पुलिस हिरासत में मंदिर के सुरक्षा गार्ड अजित कुमार को कड़ी यातना दी गई थी। मृतक सुरक्षा गार्ड की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक मृतक अजित के शव पर 44 जगह चोटों के निशान मिले हैं। साथ ही उसका ब्रेन डैमेज पाया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि मारपीट के चलते अजित को आंतरिक तौर पर बहुत ज्यादा रक्तस्राव हुआ। इससे साफ है कि उसकी मौत मारपीट और यातना से हुई है। 
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अजित के हृदय और यकृत जैसे आंतरिक अंगों में पेटीकियल रक्तस्राव और खोपड़ी के नीचे चोट मिली है। यह बताती है कि अजित को अचानक चोट नहीं लगी है, बल्कि उसका शारीरिक शोषण किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक जांच के दौरान मृतक के शव पर 44 चोटें दर्ज की गईं। जबकि मांसपेशियों में गहरी चोटें, मस्तिष्क और अंगों से रक्तस्राव और शरीर पर कई जगह अलग-अलग चोटें भी पाई गईं। ये चोटें लाठी, डंडों या रॉड जैसी वस्तुओं के जरिये शारीरिक हमलों के बाद आई हैं। 

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30 जगह मांसपेशियों की गहराई में मिली चोट
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि मृतक अजित के शरीर पर आई कोई भी चोट सतही या बिखरी नहीं है। बल्कि गहरी है। करीब 30 से ज्यादा जगहों पर चोटें मांसपेशियों में गहराई तक फैली हैं। इसके अलावा उसके मस्तिष्क और अंगों में हुए आंतरिक रक्तस्राव को लेकर कहा गया है कि मौत से पहले उसे खतरनाक तरीके से यातना दी गई। उसके शरीर पर आए घाव 28 सेमी तक लंबे थे। इससे बार-बार मारपीट किए जाने का संकेत मिलता है।

खोपड़ी के नीचे मिली चोट
रिपोर्ट में व्यापक मस्तिष्क आघात दर्शाया गया है। क्योंकि खोपड़ी के नीचे चोट, खोपड़ी में एक्काइमोसिस और मस्तिष्क के दोनों भागों में रक्तस्राव हुआ था। खोपड़ी में एक्चिमोसिस का मतलब है सिर पर एक बड़ा, गहरा घाव, जो किसी जोरदार झटके के कारण होता है। उसके मस्तिष्क के दोनों तरफ रक्तस्राव हुआ था। रिपोर्ट में दिखाया गया कि अजित कुमार के सिर पर भारी चोट या बार-बार वार हुआ। मृतक के शरीर के दाहिने सिरे पर काटने का निशान भी पाया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ है कि हिरासत के दौरान अजित के साथ कड़ी हिंसा की गई। इससे उसकी मौत हो गई। 

क्या था मामला
मदप्पुरम  भत्रकाली अम्मन मंदिर में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत अजित कुमार को 27 जून को पुलिस ने 9.5 सोने के सिक्कों की चोरी के मामले में हिरासत में लिया था। कथित तौर पर उन्हें छह सदस्यीय विशेष टीम द्वारा हिरासत में लिया गया और हिरासत में बुरी तरह से प्रताड़ित किया गया, जिसके चलते उनकी मृत्यु हो गई। इस मामले मे तमिलनाडु में लोगों के बीच बड़ा आक्रोश पैदा कर दिया। मौत की खबर सामने आते ही स्थानीय लोगों और अजित कुमार के परिवार ने न्याय की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए।

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पांच पुलिसकर्मी गिरफ्तार
अब तक, इस मामले में थिरुप्पुवनम पुलिस स्टेशन के पांच पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा, शिवगंगा के पुलिस अधीक्षक आशीष रावत को अनिवार्य प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। पुलिस उपाधीक्षक को भी निलंबित कर दिया गया है।

चेन्नई हाईकोर्ट में याचिका दायर
पुलिस हिरासत में मौत मामले में तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) ने चेन्नई उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर पुलिस को विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने का निर्देश देने की मांग की है।

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