पूर्व मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने आईपीएस अधिकारी के लिए दुख व्यक्त करते हुए बताया कि पिछले साल उनके आधिकारिक कक्ष आग में जल गया था। यह घटना अब सामने आई है। इस हादसे के समय करुणा नायक तमिलनाडु यूनिफॉर्मड सर्विसेज रिक्रूटमेंट बोर्ड की एडीजीपी थीं।
अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने पुलिस भर्ती में अनियमितताओं को उजागर करने वाली वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी कल्पना नायर के आरोप की जांच करने और कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया। दरअसल, कल्पना नायक ने आरोप लगाया था कि पुलिस भर्ती में अनियमितताओं को उजागर करने के कारण उनकी जान लेने की कोशिश की गई। विपक्ष के नेता पलानीस्वामी ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से आईपीएस करुणा नायक के लिए पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल भी किए।
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पलानीस्वामी ने सीएम स्टालिन से किए सवाल
पलानीस्वामी ने सीएम स्टालिन से पूछा, "यह भयावह है कि अपने विभाग में अनियमितताओं को उजागर करने के लिए उनकी जान लेने की कोशिश की गई। इस पर मुख्यमंत्री स्टालिन क्या कहेंगे?" सोशल मीडिया पोस्ट पर अन्नाद्रमुक के शीर्ष नेता ने कहा कि यह घटना पुलिस विभाग पर एक धब्बा है, जो केवल सीएम के अधीन काम करता है। द्रमुक सरकार को पुलिस विभाग की निंदनीय शर्मनाक स्थिति के लिए पूरी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
आईपीएस नायक के आरोपों की पारदर्शिता के साथ जांच करने की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने आईपीएस अधिकारी के लिए दुख व्यक्त करते हुए बताया कि पिछले साल उनके आधिकारिक कक्ष आग में जल गया था। यह घटना अब सामने आई है। इस हादसे के समय करुणा नायक तमिलनाडु यूनिफॉर्मड सर्विसेज रिक्रूटमेंट बोर्ड की एडीजीपी थीं। उन्होंने आगे कहा कि अगर घटना वाले दिन अधिकारी अपने कार्यालय में होती तो उनकी जान चली जाती। पलानीस्वामी ने पूछा, "अगर एडीजीपी रैंक की अधिकारी के साथ ऐसा हो सकता है, तो आम लोग अपनी शिकायत कैसे दर्ज कराएंगे?" उन्होंने आईपीएस नायक के आरोपों की पारदर्शिता के साथ जांच करने और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की।