इस विवाद का साया दिल्ली में कांग्रेस-आम आदमी पार्टी के चुनाव प्रचार पर भी पड़ सकता है। राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल की संयुक्त जनसभा-रैली कर गठबंधन को मजबूत बनाने की योजना भी खटाई में पड़ती दिखाई पड़ रही है। इसके पहले लखनऊ में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अखिलेश यादव के साथ होने वाली प्रेस कांफ्रेंस में भी अरविंद केजरीवाल शामिल नहीं हुए थे। इसे भी कांग्रेस के द्वारा बरती गई एक सतर्कता के रूप में देखा गया था।
शुक्रवार को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस ने पत्रकारवार्ता आयोजित की थी। कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया इंचार्ज जयराम रमेश पत्रकारों को संबोधित करने वाले थे। स्वाति मालीवाल मुद्दे पर गरमाई सियासत के बीच भारी संख्या में पत्रकार भी कांग्रेस के दिल्ली प्रदेश कार्यालय राजीव भवन पहुंच गए थे। आधे घंटे देरी से शुरू हुई पत्रकारवार्ता में पत्रकारों की मंशा भांपते हुए कांग्रेस नेता ने पहले ही स्पष्ट कर दिया कि वे पर्यावरण को छोड़ किसी अन्य मुद्दे पर नहीं बोलेंगे। लेकिन इसके बाद भी पूरी प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उनसे लगातार स्वाति मालीवाल मुद्दे पर प्रश्न पूछे गए। हालांकि इसके बाद भी जयराम रमेश ने इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
दरअसल, स्वाति मालीवाल विवाद पर प्रियंका गांधी ने कड़ी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि वे एक महिला हैं और महिलाओं के साथ हुई किसी अभद्रता के मुद्दे पर वे महिलाओं के साथ खड़ी रहती हैं। लेकिन प्रियंका गांधी की इस टिप्पणी के बाद तुरंत ही पूर्व कांग्रेस नेता राधिका खेड़ा का विवाद भी चर्चा में आ गया। खेड़ा ने हाल ही में अपने साथ छत्तीसगढ़ कांग्रेस कार्यालय में पार्टी के ही नेताओं पर उनके साथ अभद्रता करने का आरोप लगाया था। पार्टी को इस बात की आशंका है कि यदि वह स्वाति मालीवाल मुद्दे पर कोई कठोर टिप्पणी करती है तो इससे वह खुद भी नई मुसीबत में फंस सकती है। लिहाजा पार्टी नेता स्वाति मालीवाल विवाद पर कोई टिप्पणी करने से बच रहे हैं।
राधिका खेड़ा ने बताया
प्रियंका गांधी की टिप्पणी आने के बाद राधिका खेड़ा तुरंत हमलावर हो गई थी। उन्होंने शुक्रवार को अमर उजाला से कहा कि जब उनके साथ छत्तीसगढ़ कांग्रेस कार्यालय में पार्टी के ही कार्यकर्ताओं ने अभद्र व्यवहार किया, वे प्रियंका गांधी, राहुल गांधी और जयराम रमेश सहित पार्टी के सभी शीर्ष नेताओं से इसकी शिकायत की थी, लेकिन किसी ने भी उनकी कोई मदद नहीं की। लेकिन आज जब आम आदमी पार्टी की नेता स्वाति मालीवाल के साथ अभद्रता हुई है, प्रियंका गांधी महिलाओं के साथ खड़ी होने की बात कह रही हैं। उन्होंने प्रियंका गांधी के इस स्टैंड को डबल स्टैंडर्ड व्यवहार बताया और खुलकर अपनी लड़ाई लड़ने के लिए स्वाति मालीवाल की प्रशंसा की।
साथ में जनसभा पर भी संदेह
अरविंद केजरीवाल के जेल से बाहर आने के बाद आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के चुनाव प्रचार में तेजी आ गई थी। कांग्रेस के साथ अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए केजरीवाल ने कांग्रेस के प्रत्याशियों के क्षेत्र में रोड शो भी किया। उन्होंने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को भी पूरे जी जान से अपने और कांग्रेस प्रत्याशियों को जिताने के लिए मेहनत करने की बात कही थी। इससे दोनों पार्टियों के बीच चुनावी तालमेल बेहतर हुई है और इंडिया गठबंधन के प्रत्याशियों की स्थिति बेहतर होती बताई जा रही है।
दिल्ली की सातों सीटों पर अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल की संयुक्त रैली और रोड शो कराने की मांग दोनों दलों के प्रत्याशियों के द्वारा की जा रही है। दोनों दलों की समन्वय समिति में भी इस मुद्दे पर सहमति बन चुकी थी। लेकिन मतदान के ठीक अंतिम सप्ताह में स्वाति मालीवाल विवाद के सामने आने से इस योजना का अंतिम परिणाम क्या होगा, पार्टी नेता इस पर कुछ भी कह पाने की स्थिति में नहीं हैं।