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‘स्वातंत्र्यवीर’ नाटक के मंचन से देशभर में होगा वीर सावरकर के विचारों का प्रदर्शन

Thu, 23 Jan 2020 05:26 AM IST
गौरव पाण्डेय सुरेन्द्र मिश्र, मुंबई

सार

  • दिल्ली व लखनऊ सहित पूरे देश में पहली बार पेश किया जाएगा यह हिंदी नाटक
  • मुंबई स्थित वीर सावरकर राष्ट्रीय स्मारक ने तैयार किया हिंदी नाटक ‘स्वातंत्र्यवीर’ 
  • 25 जनवरी को संस्था के 22 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में होगा नाटक का मंचन 
  • पेश किए जाने वाले गीत सावरकर रचित हैं, 40 से अधिक कलाकार प्रस्तुति देंगे
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वीर सावरकर - फोटो : SAVARKARSMARAK.COM
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विस्तार
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ले चल तू मुझे मातृभूमि की राहें, हे सागर, दिल तड़पाए, तरसाए... महान क्रांतिकारी विनायक दामोदर सावरकर (वीर सावरकर) का यह तराना जल्द ही देशभर में सुनाई देगा। सावरकर को लेकर छिड़ी बहस के बीच मुंबई स्थित वीर सावरकर राष्ट्रीय स्मारक ने अब उनके विचारों को देशभर में पहुंचाने का वीणा उठाया है। स्मारक की ओर से हिंदी नाटक ‘स्वातंत्र्यवीर’ तैयार किया गया है, जिसका मंचन देखकर सावरकर के विचारों के प्रति लोगों की धारणा बदल सकती है।

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वीर सावरकर राष्ट्रीय स्मारक के कार्यकारी अध्यक्ष व उनके पौत्र रणजीत सावरकर ने बताया कि स्वातंत्र्यवीर नाटक के जरिए इस महान स्वतंत्रता सेनानी के जीवन पर प्रकाश डाला जाएगा। इस नाटक में साहित्य, काव्य, कथा, गीत संगीत और नृत्य का मिश्रण है। यह पहला प्रयास है, जब वीर सावरकर की विचारधारा और उनके व्यक्तित्व पर आधारित नाटक हिंदी में तैयार किया गया है। आगामी 25 जनवरी को संस्था के 22 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में इस नाटक का मंचन किया जाएगा। 

इसके बाद 25 फरवरी को वीर सावरकर की पुण्यतिथि से पहले देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नई दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू युनिवर्सिटी (जेएनयू) में भी स्वातंत्र्यवीर नाटक के मंचन की मांग है, लेकिन वहां उचित स्टेज नहीं होने के कारण अभी तक कार्यक्रम तय नहीं हो पाया है। इसी तरह लखनऊ, मध्य प्रदेश सहित उत्तर भारत के विभिन्न शहरों में भी नाटक का मंचन होगा। नाटक की संकल्पना रणजीत सावरकर और मंजरी मराठे की है।

40 से अधिक कलाकारों का दल करेगा मंचन

स्वातंत्र्यवीर नाटक का मंचन भव्य होगा, जिसमें 40 से अधिक कलाकार प्रस्तुति देंगे। नाटक में पेश किए जाने वाले गीत वीर सावरकर द्वारा रचित है, जिसका हिंदी अनुवाद रणजीत सावरकर ने किया है। गीत का हिंदी रूपांतर समीर सामंत, संगीत निर्देशन वर्षा भावे, संगीत संयोजन कमलेश भड़कमकर और नृत्य निर्देशन रूपली देसाई की है। दो गीत प्रख्यात गायक शंकर महादेवन ने गाए हैं।

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