धर्म संसद शिकागो में स्वामी विवेकानंद के भाषण की 131वीं वर्षगांठ पर पुणे में जांबवंत फाउंडेशन और पार्टेक्स ने पैनल चर्चा का आयोजन किया। इसमें वक्ताओं ने स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं के बारे में जानकारी दी।
लेखक आनंद रंगनाथन ने कहा कि सभी जानते हैं कि भारत को आंतरिक और बाहरी लोगों ने तोड़ने का प्रयास किया गया। उस वक्त स्वामी विवेकानंद ने हिंदू धर्म का सार का बताया। मगर आज तक लोग हिंदू धर्म को लेकर गलती करते हैं। लोगों को बताया गया कि हिंदू धर्म का मतलब सहनशीलता और अहिंसा है। लोगों का यह जानना जरूरी है कि हिंदू धर्म किसी भी कीमत पर सहनशीलता नहीं सिखाता। अन्याय को स्वीकार करना नहीं सिखाता।
शिवाजी और विवेकानंद की शिक्षाएं हमें हिंदू धर्म के बारे में बताती हैं। स्वामी विवेकानंद और शिवाजी की शिक्षाएं अमूल्य हैं। हिंदूओं के मंदिर तोड़े गए। हम उनको वापस चाहते हैं। लेकिन हम यह कहना नहीं चाहते हैं। क्योंकि हम हिंदू धर्म के बारे में जानते नहीं है। हिंदू धर्म हमें अन्याय सहना नहीं बल्कि अन्याय के खिलाफ लड़ना सिखाता है। इसलिए इस समाज में शिवाजी और स्वामी विवेकानंद की शिक्षाएं जरूरी हैं।
लेखिका शैफाली वैद्य ने कहा कि शिवाजी महाराज ने हिंदवी स्वराज्य के लिए लड़ाई लड़ी। उन्होंने हिंदुओं के लिए युद्ध किया। उन्होंने हिंदुओं को पहचान दी। उन्होंने हमें बताया कि हिंदू कौन हैं, उनके अधिकार क्या हैं? स्वामी विवेकानंद ने हिंदू धर्म के बारे में बताया। उन्होंने मूर्ति पूजा के बारे में बताया। उन्होंने सब कुछ छोड़ने के लिए नहीं कहा। उन्होंने लड़ने के लिए कहा। स्वामी विवेकानंद ने युवाओं से कहा कि वे उठें, आगे बढ़ें और लक्ष्य पूरा होने तक काम करते रहें। उन्होंने कर्म मार्ग बताया। उन्होंने हमेशा समाधान, कार्रवाई, आगे बढ़ने के लिए कहा। इसलिए उनकी शिक्षाएं हमेशा प्रासंगिक रहेंगीं।
सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि आज के दौर में सबसे जरूरी अधर्म का नाश है। पहले शिवाजी महाराज ने अपने तरीके से अधर्म का नाश किया। आज हमने सब कुछ वर्ल्ड क्लास किया, लेकिन अधर्म का नाश करने के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि हिंदू खत्म होते जा रहे हैं। 25 फीसदी राज्यों की डेमोग्राफी बदल चुकी है। इसके तीन कारण हैं धर्मांतरण, घुसपैठ और जनसंख्या विस्फोट। भारत को जलाने की बड़ी साजिश हो रही है। घुसपैठिए लगातार आ रहे हैं। अब तक भारत में साढ़े पांच करोड़ घुसपैठिए आ चुके हैं। इनको बाहरी फंडिंग हो रही है।
उन्होंनें कहा कि भ्रष्टाचार खत्म नहीं हुआ तो घुसपैठ और धर्मांतरण नहीं रुकेगा। युवाओं को बर्बाद किया जा रहा है। धर्म और धन को खराब किया जा रहा है। इससे बचने की जरूरत है। इस दौरान वक्ताओं ने विभिन्न मुद्दों पर एक-दूसरे से चर्चा की। लोगों ने वक्ताओं से सवाल भी पूछे।