पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता के घर पर छापेमारी करने गए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों पर समर्थकों ने हमला कर दिया था जिसमें तीन गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हालांकि, इन घायल अधिकारियों से मिलने भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी अस्पताल पहुंचे।
टीएमसी नेता ने भाजपा को ठहराया जिम्मेदार
ईडी के अधिकारियों पर हुए हमले को लेकर टीएमसी नेता कुणाल घोष ने भाजपा को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा, 'जो कुछ भी हो रहा है वह केवल भाजपा की वजह से हो रहा है। मैं काठी में हूं, यहां पैसों का खूब लेनदेन हुआ है और इसके पीछे शुभेंदु अधिकारी का हाथ है। सीबीआई और ईडी यहां क्यों नहीं आती है। यहं केवल टीएमसी नेताओं के घरों में जाकर नकारात्मक वातावरण फैलाने की कोशिश की जा रही है।'
उन्होंने आगे कहा, 'आमतौर पर जब आप किसी मशहूर नेता के आवास पर जाते हैं और उनके घर का दरवाजा तोड़ते हैं तो स्थानीय निवासी इससे गुस्सा जरूर होंगे। ईडी ने राज्य प्रशासन को जो रूटीन जानकारी दी वह उन्हें पहले दी जानी चाहिए थी।'
पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा, 'सत्ताधारी दल उन्हें पीछे से ताकत दे रहे हैं और इस वजह से काका बाबू, खोका बाबू, शाहजहां और नूर की कमी नहीं है। अगर भाजपा के पास हिम्मत है तो उन्हें कुछ करना चाहिए। जब वह मणिपुर में कुछ नहीं कर पाए तो वह बंगाल में कैसे करेंगे? हम अशांत क्षेत्र में राष्ट्रपति शासन चाहते हैं, लेकिन उनके पास हिम्मत नहीं है। वे केवल दावा करते हैं। मोदी जी और दीदी का कनेक्शन मजबूत है और इस वजह से यह नहीं हो सकता है।'
अधीर रंजन ने आगे कहा, 'जो संदेशखाली में हुआ वह भारत के किसी अन्य राज्य में नहीं हुआ होगा। बदमाशों के भीतर आज इतनी हिम्मत आ गई है और यह इसका उदाहरण है। यह घटना राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी और राज्य पुलिस बल के बीच के रिश्ते को दर्शाता है। संदेशखाली हादसे ने इनके अपवित्र रिश्ते को स्पष्ट कर दिया है। राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति दिन पर दिन बिगड़ती जा रही है और भाजपा चुप है। इस समय एक ठोस कदम उठाने की जरूरत है, लेकिन कुछ भी नहीं किया जा रहा है।'
लॉकेट चटर्जी ने की आलोचना
ईडी पर हुए हमलों की भाजपा ने आलोचना की है। भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी ने कहा, 'बंगाल के लिए यह काला दिन है। किसी जांच एजेंसी के ऊपर हमला करना देश के लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस मामले को देख रहे हैं। टीएमसी इसे दबाने की कोशिश कर रही है। लोकसभा चुनाव आने वाला है और ममता बनर्जी रोहिंग्याओं के लिए फर्जी वोटर आईडी कार्ड बना रही है। हम ईडी और उनके परिजनों के साथ खड़े हैं। इस मामले की एनआईए जांच होनी चाहिए और आरोपियों को सजा मिलना चाहिए।'
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा, 'यहां केवल एक ही विकल्प है, सभी टीएमसी नेताओं को विभिन्न घोटालों के तहत गिरफ्तार कर ईडी को उन्हें बंगाल के बाहर जेल में डाल देना चाहिए, जिससे कि सत्तारूढ़ पार्टी केंद्रीय एजेंसियों पर हमले न करवा सके। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखकर ईडी अधिकारियों पर हुए हमले की जांच केंद्रीय एजेंसियों से कराने की मांग की है।'
भाजपा नेता के बयान का पलटवार करते हुए टीएमसी प्रवक्ता जय प्रकाश मजूमदार ने कहा, 'जांच एजेंसियों पर हमले का समर्थन नहीं किया जा सकता है, लेकिन यह ध्यान में रखा जाना चाहिए कि ईडी और अन्य एजेंसियों ने पिछले दो वर्षों में भाजपा के आदेश पर टीएमसी नेताओं की संपत्तियों पर छापेमारी की है।'
हालांकि, पुलिस ने बताया कि उन्हें ईडी की छापेमारी के बारे में पहले से नहीं बताया गया था। उन्होंने कहा कि टीएमसी नेताओं की संपत्तियों पर छापेमारी करवाना भाजपा की राजनीति है। लोकसभा चुनमाव से पहले हमें कमजोर करने का षड़यंत्र है।
क्या था पूरा मामला
आधिकारिक सूचना के मुताबिक बोंगांव में टीएमसी नेता के करीबी सहयोगी की आइसक्रीम फैक्ट्री समेत दो अन्य स्थानों पर तलाशी अभियान रात 10 बजे तक जारी रहा। ईडी अधिकारियों ने राशन घोटाले के सिलसिले में पश्चिम बंगाल में कम से कम 15 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के संदेशखली में टीएमसी नेता सहजान शेख के आवास पर छापेमारी के दौरान भीड़ ने प्रवर्तन निदेशालय की टीम पर हमला किया और उसके वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। टीम के तीन अधिकारियों को भीड़ के हमले में गंभीर चोटें आईं और उनके निजी सामान जैसे मोबाइल फोन और वॉलेट छीन लिए गए थे।