एंटीलिया केस में हर दिन नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जब इस मामले को अपने हाथ में लिया है तब से मामले की जांच तेज हो गई है। एनआईए को 4 मार्च की रात की एक सीसीटीवी फुटेज मिली है। इसमें मुंबई पुलिस के निलंबित अधिकारी सचिन वजे छत्रपति शिवाजी टर्मिनल की ओर जाता दिख रहा है। एजेंसी की जांच में पाया गया कि 4 मार्च की शाम सचिन वजे ने शिवाजी टर्मिनल से ठाणे जाने के लिए लोकल ट्रेन में सफर किया था। इसी कड़ी में सोमवार की रात एनआईए की टीम ने सचिन वजे को लेकर छत्रपति शिवाजी टर्मिनल पहुंची और 4 मार्च की सीन को रीक्रिएट किया। जांच एजेंसी ने यहां लगे सीसीटीवी कैमरे में मिले फुटेज और बाकी सबूत को पुख्ता करने के लिए यह सीन रीक्रिएशन किया। एनआईए टीम आरोपी अधिकारी को प्लेट फॉर्म 4 और 5 पर भी ले गई। इस दौरान फॉरेंसिंक टीम भी वहां मौजूद थी। फॉरेंसिक टीम ने सचिन वजे की गतिविधियों को रिकॉर्ड भी किया।
सचिन वाजे पर वसूली का आरोप
4 मार्च की शाम 7 बजे सचिन वाजे छत्रपति शिवाजी टर्मिनल की ओर जा रहा था। सीसीटीवी फुटेज में यह तस्वीर कैद हो गई थी। एनआईए ने इसी फुटेज के आधार पर वाजे को स्टेशन पर लाकर सीन को रिक्रिएशन किया । सचिन वाजे पर आरोप है कि अवैध वसूली का कारोबार चलाता है। सचिन वाजे पर आरोप लगाने के बाद राज्य सरकार ने मुंबई पुलिस कमिशनर परमबीर सिंह को पद से हटा दिया था।
वाजे ने मनसुख हिरेन को फोन कर मुंबई बुलाया
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सचिन वजे 4 मार्च की शाम 6.30 बजे अपने दफ्तर से निकलकर शाम 7 बजे शिवाजी स्टेशन पहुंचा। फिर वह ठाणे के लिए निकल गया। रात 8.10 बजे ठाणे के कालवा स्टेशन पहुंचा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वजे ने ही मनसुख हिरेन को फोन कर मुंबई बुलाया था।
सचिन की 8 कारें जब्त
बता दें कि एनआईए अभी तक सचिन वाजे की 8 लग्जरी कारें बरामद कर चुकी है। इसके अलावा एक बाइक भी जब्त की गई है। एनआईए ने सचिन वाजे से पूछताछ में मुंबई में एक फ्लैट से कुछ दस्तावेज भी जब्त किए हैं।
मनसुख हिरेन मौत मामले का आरोपी है वाजे
25 फरवरी को देश के सबसे बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर एक कार में विस्फोटक सामग्री मिली थी, इसके अलावा गाड़ी में एक धमकी भरा पत्र भी था। सीसीटीवी फुटेज की जांच में सामने आया कि गाड़ी मनसुख हिरेन के नाम पर है। 5 मार्च को गाड़ी मालिक मनसुख हिरेन का शव कालवा की खाड़ी से बरामद हुआ था। इस मामले में महाराष्ट्र एटीएस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके बाद एनआईए मामले की जांच शुरू कर दी। फिलहाल यह मामला एनआईए के पास है।
देशमुख का इस्तीफा
बता दें कि सोमवार को परमबीर सिंह के आरोपों पर महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने अपना इस्तीफा दे दिया । दरअसल, मुंबई के पूर्व पुलिस कमिशनर परमबीर सिंह ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अनिल देशमुख के खिलाफ सीबीआई जांच के लिए अर्जी लगाई थी। हाईकोर्ट ने परमबीर सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए देशमुख के खिलाफ सीबीआई जांच का आदेश जारी किया था। परमबीर सिंह ने आरोप लगाया था कि गृहमंत्री अनिल देशमुख ने सचिन वाजे को सौ करोड़ रुपए वसूली का टारगेट दिया था। इसके अलावा परमबीर सिंह ने देशमुख पर कई अन्य आरोप भी लगाए थे।