अंडमान निकोबार के निलंबित श्रम आयुक्त आर. एल. ऋषि को सामूहिक दुष्कर्म के एक मामले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, ऋषि दोपहर करीब एक बजे चेन्नई से विमान से यहां पहुंचे। अंडमान और निकोबार पुलिस उन्हें हिरासत में ले लिया। इस मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें अंडमान निकोबार के पूर्व मुख्य सचिव जितेंद्र नारायण और पोर्ट ब्लेयर के व्यवसायी संदीप सिंह उर्फ रिंकू शामिल हैं।
आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। आरोप है कि एक महिला (21 वर्षीय) को सरकारी नौकरी का वादा करके मुख्य सचिव के घर पर ले जाया गया और फिर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। एसआईटी जितेंद्र नारायण से तीन बार पूछताछ कर चुकी है। अंडमान और निकोबार पुलिस ने 2 नवंबर को जितेंद्र नारायण सिंह और आर. एल. ऋषि के बारे में जानकारी देने वाले को एक-एक लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी।
नौकरी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप
युवती ने दावा किया है कि वह नौकरी की तलाश में थी और उसे एक होटल मालिक के जरिए ऋषि से मिलवाया गया, जो कथित तौर पर उसे नारायण के घर ले गया। युवती के मुताबिक, नारायण के आवास पर उसे शराब की पेशकश की गई, जिसे उसने इनकार कर दिया। महिला ने दावा किया कि उन्होंने एक सरकारी नौकरी का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में दोनों ने उसका यौन शोषण किया गया।
युवती को धमकी- किसी को बताया तो होंगे गंभीर परिणाम
युवती ने आरोप लगाया है कि दो हफ्ते बाद उसे फिर से मुख्य सचिव के आवास पर बुलाया गया और उसके साथ दोबारा दुष्कर्म किया गया। युवती के मुताबिक, सरकारी नौकरी देने के बजाय उसे धमकी दी गई कि अगर उसने इस मामले को किसी को बताया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।