अप्रैल-जून अवधि में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की योजना के मामले में भारतीय कंपनियां दुनिया में आठवां सबसे अधिक आशावान समूह हैं। एक सर्वेक्षण में शामिल देश की 16 फीसदी कंपनियों ने इस अवधि में अपने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की उम्मीद जताई। इस मामले में समायोजन रहित आंकड़े के आधार पर क्रोएशिया की कंपनियां सबसे अधिक आशावान समूह बन कर उभरी हैं।
इस सर्वेक्षण में मैनपावरग्रुप ने 43 देशों और क्षेत्रों में 58,000 नियोक्ताओं का साक्षात्कार लिया और कहा कि क्रोएशिया ने काफी अधिक बहाली का इरादा जताया है। क्रोएशिया की कंपनियों को पहली बार सर्वेक्षण में शामिल किया गया है।
कर्मचारी नियुक्ति में मदद करने वाली कंपनी मैनपावरग्रुप इंडिया द्वारा मंगलवार को जारी सर्वेक्षण के मुताबिक कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि की संभावना सभी चार भौगोलिक क्षेत्रों और सात औद्योगिक क्षेत्रों में दर्ज की गई। इन औद्योगिक क्षेत्रों में सेवा, फाइनेंस, रियल एस्टेट और उत्पादन भी शामिल हैं।
सर्वेक्षण में भारत में 4,600 से अधिक नियोक्ताओ को शामिल किया गया। सर्वेक्षण में कहा गया है कि यद्यपि बहाली की रफ्तार थोड़ी कम रह सकती है, लेकिन शायद ही ऐसी कोई कंपनी हो जो कर्मचारियों की संख्या घटाए।
अगले तीन महीने में बहाली की योजना के मामले में सर्वाधिक आशावान देशों की सूची में क्रोएशिया पहले स्थान पर है, जिसका नियुक्ति परिदृश्य 29 फीसदी है। इसके बाद 26 फीसदी के साथ ताइवान है। जापान का नियुक्ति परिदृश्य 24 फीसदी है।
सर्वेक्षण के मुताबिक मौसमी समायाजन वाले आंकड़े में जिन देशों और क्षेत्रों को इस आंकड़े में शामिल किया गया है, उनमें सर्वाधिक बेहतर माहौल ताईवान, जापान, हंगरी और अमेरिका में है, जबकि बहाली की सबसे कमजोर संभावना इटली, चेक रिपब्लिक और स्विटजरलैंड में देखी गई।