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Supreme Court: अब्बास अंसारी की याचिका पर UP सरकार से जवाब तलब; प. बंगाल में अनुब्रत मंडल को अभी जमानत नहीं

Mon, 22 Jan 2024 03:37 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को कई मामलों की सुनवाई हुई। शीर्ष अदालत ने पश्चिम बंगाल के तृणमूल नेता अनुब्रत मंडल को फिलहाल जमानत देने के इनकार कर दिया। एक अन्य मामले में हिमाचल प्रदेश के गग्गल एयरपोर्ट से जुड़े हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाने का फैसला सुनाया। पढ़िए दिन के प्रमुख अदालती मामलों से जुड़े अपडेट
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के तृणमूल कांग्रेस नेता अनुब्रत मंडल को जमानत देने से इनकार कर दिया है। मवेशियों की तस्करी से जुड़े इस मामले में शीर्ष अदालत ने कहा कि फिलहाल तृणमूल नेता को जमानत नहीं दी जा सकती। अदालत में दो जजों की खंडपीठ ने अनुब्रत मंडल की जमानत याचिका पर सुनवाई 27 फरवरी तक स्थगति करने का फैसला सुनाया। एक अन्य मामले में चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने कांगड़ा जिले में गग्गल हवाई अड्डा विस्तार को रोकने वाले हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाने का फैसला सुनाया।
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निचली अदालत में सुनवाई अटकी, मुख्य आरोपी को जमानत
अनुब्रत मंडल के मामले में न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी और न्यायमूर्ति पंकज मिथल की पीठ ने निचली अदालत को 22 फरवरी को सुनवाई आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। मंडल की पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा, मामले में चार आरोप पत्र दायर किए गए हैं। टीएमसी नेता को छोड़कर सभी जेल से बाहर हैं। उन्हें जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए। रोहतगी ने कहा, मंडल डेढ़ साल से जेल में है जबकि मुख्य आरोपी को जमानत मिल चुकी है। मामले में कुल 309 गवाह हैं। अकेले वही जेल में हैं। अन्य को जमानत मिल चुकी है। निचली अदालत में सुनवाई आगे नहीं बढ़ रही है।

हाईकोर्ट में भी जमानत याचिका खारिज
बता दें कि इस मामले में सीबीआई जांच हो रही है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की तरफ से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने जमानत याचिका का विरोध किया। उन्होंने कहा, मंडल बहुत प्रभावशाली व्यक्ति हैं। वह सबूतों के साथ छेड़छाड़ में शामिल होने के भी आरोपी हैं। कलकत्ता उच्च न्यायालय भी लगभग एक साल पहले, जनवरी, 2023 में मंडल की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। तृणमूल कांग्रेस नेता ने जमानत की गुहार लगाते हुए अदालत को बताया था कि वह 145 दिनों से अधिक समय से हिरासत में हैं।
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क्या है पूरा मामला?
टीएमसी नेता अनुब्रत मंडल पर पशु तस्कर एनामुल हक की अवैध मदद और पशु तस्करी को बढ़ावा देने का आरोप है। पश्चिम बंगाल के बीरभूम और मुर्शिदाबाद जिलों के माध्यम से मवेशियों की निर्बाध तस्करी सुनिश्चित करने के लिए मंडल ने कथित तौर पर अपने प्रभाव का गलत इस्तेमाल किया। पशुओं को अंतरराष्ट्रीय सीमा तक पहुंचाने की एवज में मंडल पर गलत तरीके से फायदा हासिल करने का भी आरोप है। सीबीआई का दावा है कि बीरभूम जिले से बांग्लादेश तक मवेशियों के सुचारू परिवहन के मुख्य सूत्रधार मंडल ही थे। हालांकि, मंडल के वकील का दावा है कि इस बात के कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं।

हिमाचल प्रदेश के गग्गल हवाई अड्डा मामले में सुप्रीम कोर्ट का आदेश

गगल एयरपोर्ट कांगड़ा। - फोटो : संवाद
एक अन्य मामले में शीर्ष अदालत ने हिमाचल प्रदेश के गग्गल हवाई अड्डे पर अहम आदेश पारित किया। उच्चतम न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के लागू होने पर रोक लगा दी। नौ जनवरी को पारित आदेश में हाईकोर्ट ने कांगड़ा जिले में गग्गल हवाईअड्डा विस्तार परियोजना पर रोक लगा दी थी।

हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची राज्य सरकार
उच्च न्यायालय ने 9 जनवरी को पारित आदेश में कहा था कि गग्गल हवाई अड्डे के विस्तार परियोजना पर सुनवाई की अगली तारीख 29 फरवरी तक रोक रहेगी। हाईकोर्ट ने गग्गल हवाईअड्डा विस्तार से प्रभावित समाज कल्याण समिति के सदस्यों की तरफ से दायर याचिका पर यह आदेश पारित किया। हाईकोर्ट के आदेश से असंतुष्ट प्रदेश की सरकार ने स्थगन आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था। इस अपील को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।

महाराष्ट्र के CM एकनाथ शिंदे और विधायकों से सुप्रीम कोर्ट ने जवाब मांगा

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे। (फाइल) - फोटो : Amar Ujala
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके खेमे के शिवसेना विधायकों से सुप्रीम कोर्ट ने जवाब मांगा है। प्रदेश विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर जवाब मांगा है। पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे खेमे ने सुप्रीम कोर्ट में स्पीकर के आदेश को चुनौती दी है। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने पैरवी कर रहे वकीलों- कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी की दलीलों पर गौर करने के बाद सीएम एकनाथ शिंदे और उनके समर्थक विधायकों से दो हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा।

सुप्रीम कोर्ट में मुख्तार अंसारी के बेटे की याचिका; अदालत ने योगी सरकार से जवाब मांगा

सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी। (फाइल) - फोटो : अब्बास अंसारी
उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के विधायक अब्बास अंसारी की याचिका पर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा। अंसारी ने इलाबाहाद हाईकोर्ट में जमानत याचिका खारिज होने के बाद हाईकोर्ट के आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है। हथियार लाइसेंस मामले में अंसारी की जमानत याचिका खारिज हुई है। अंसारी गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी के बड़े बेटे हैं। अंसारी ने 2012 में लखनऊ से बंदूक का लाइसेंस हासिल किया था।

चार हफ्ते बाद होगी सुनवाई
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने 20 नवंबर, 2023 को पारित आदेश में अंसारी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अब सुप्रीम कोर्ट में उनकी याचिका पर न्यायमूर्ति बीआर गवई, जस्टिस संजय करोल और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ में सुनवाई होगी। पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर अंसारी की याचिका पर जवाब मांगा। अब इस मामले पर चार सप्ताह के बाद सुनवाई होगी।

2012 में मिला हथियार का लाइसेंस, 2019 में प्राथमिकी दर्ज
हथियार के लाइसेंस हासिल करने और बंदूकें खरीदने में कथित अनियमितताओं के लिए 12 अक्टूबर, 2019 को मऊ निर्वाचन क्षेत्र के विधायक अब्बास अंसारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।  उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा था, लखनऊ में 2012 में जारी लाइसेंस 1 अक्टूबर, 2015 को अमान्य हो गया था, लेकिन इसी लाइसेंस के आधार पर उसने 1 जून, 2017 को नई दिल्ली में लाइसेंस जारी करा लिया। इसके आधार पर 7 आग्नेयास्त्र भी खरीदे गए।
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राजस्थान के सौर प्लांट मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अदालत द्वारा नियुक्त विशेषज्ञ समिति को निर्देश दिए हैं कि वे दो सप्ताह के भीतर फर्म के प्रतिनिधित्व पर निर्णय लें। दरअसल, राजस्थान में 7500 करोड़ का सौर संयंत्र बंद पड़ा है, क्योंकि यह ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के क्षेत्र में आता है। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय बेंच ने एक्मे सोलर होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से पेश वकील की दलीलों पर ध्यान दिया। वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि अगर समिति ने पहले से स्थापित सोलर प्लांट को चालू करने के लिए अनुमति नहीं लिया तो कंपनी दिवालिया हो जाएगी। बेंच में न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा शामिल थे।


 
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