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Supreme Court News: 'हर कोई गुजरात से प्रभावित है', यूपी के एएजी की दलील पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

Thu, 17 Nov 2022 10:55 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

यूपी की अतिरिक्त महाधिवक्ता गरिमा प्रसाद ने अदालत को सूचित किया कि कुछ सरकारी अधिकारियों ने अहमदाबाद और वडोदरा में अदालत परिसरों का दौरा किया और सुविधाओं से प्रभावित हुए।
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Social Media
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विस्तार
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एक मामले में सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त महाधिवक्ता की टिप्पणी के जवाब में सु्प्रीम कोर्ट ने दिलचस्प टिप्पणी की। इस दौरान अदालत ने कहा, 'हर कोई गुजरात से प्रभावित है'। उत्तर प्रदेश की अतिरिक्त महाधिवक्ता वाणिज्यिक अदालतों के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए गुजरात मॉडल को अपनाने के राज्य के प्रयास के बारे में बता रही थीं। जस्टिस एम आर शाह और एम एम सुंदरेश की पीठ को यूपी की अतिरिक्त महाधिवक्ता गरिमा प्रसाद ने सूचित किया कि कुछ सरकारी अधिकारियों ने अहमदाबाद और वडोदरा में अदालत परिसरों का दौरा किया और सुविधाओं से प्रभावित हुए। इस पर पीठ ने कहा, हर कोई गुजरात से प्रभावित है। 

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एएजी बोले, गुजरात जैसी बुनियादी सुविधाएं देने के प्रयास होंगे 
शीर्ष अदालत ने एएजी की इस दलील पर गौर किया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गुजरात जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए अदालतों में सभी प्रयास किए जाएंगे, जिसके लिए शुरुआत में 10 जिलों की पहचान की गई है। पीठ निचली न्यायपालिका के लिए बुनियादी ढांचे और अन्य बजटीय प्रावधानों पर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। शीर्ष अदालत ने पहले कहा था कि यह राज्य सरकार का कर्तव्य है कि वह पर्याप्त बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराए और वाणिज्यिक अदालतों और अन्य अदालत भवनों के लिए बजटीय प्रावधान करे।

शीर्ष अदालत ने कहा कि निष्पादन याचिकाएं और व्यावसायिक विवादों से उत्पन्न कार्यवाही दशकों से यूपी में लंबित हैं और राज्य के आर्थिक विकास को प्रभावित कर सकती हैं। राज्य के साथ-साथ प्रशासनिक पक्ष पर उच्च न्यायालय को एक समाधान खोजने के लिए एक साथ काम करने की आवश्यकता है। उसे यह देखना होगा कि अदालतों में लंबित वाणिज्यिक विवादों को जल्द से जल्द निपटाया जाए।

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शीना बोरा हत्याकांड: पीटर मुखर्जी के बेटे ने अदालत से कहा- मेरे पिता निर्दोष हैं

पूर्व मीडिया कारोबारी पीटर मुखर्जी के बेटे राहुल मुखर्जी ने शीना बोरा हत्या मामले की सुनवाई कर रही विशेष अदालत में गुरुवार को कहा कि उन्हें अब भी लगता है कि उनके पिता निर्दोष हैं। सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश एस. पी. नाइक-निंबालकर के समक्ष मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी के वकील रंजीत सांगले उनसे जिरह कर रहे थे। इस मामले में इंद्राणी के पूर्व पति पीटर मुखर्जी को भी गिरफ्तार किया गया था। इंद्राणी समेत सभी आरोपी जमानत पर बाहर हैं।

शीना (24) की उसकी मां ने 2012 में सह-आरोपी संजीव खन्ना और उसके चालक श्यामवर राय की मदद से कथित तौर पर हत्या कर दी थी। हत्या का खुलासा 2015 में हुआ था। अधिवक्ता सांगले के एक सवाल का जवाब देते हुए राहुल ने कहा कि पीटर मुखर्जी की गिरफ्तारी के बाद भी उन्होंने लगातार मीडिया से कहा था कि मेरे पिता निर्दोष हैं। मामले के गवाह राहुल ने अदालत से कहा कि मैं अभी भी उसी रुख पर कायम हूं कि मेरे पिता निर्दोष हैं। मैं अब भी अपने पिता से प्यार करता हूं। 
 
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अमेजन-फ्यूचर विवाद में एसआईएसी की मध्यस्थता कार्रवाई नहीं रुकेगी 

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि वह अमेजन-फ्यूचर विवाद में सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र (एसआईएसी) की मध्यस्थता कार्रवाई को रोकने की इजाजत नहीं देगा। न्यायालय ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई की पवित्रता बनाए रखने की जरूरत है। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला की पीठ ने कहा कि आप (फ्यूचर समूह और अन्य) मध्यस्थता न्यायाधिकरण के समक्ष चल रही कार्रवाई को रोक नहीं सकते हैं और यह कार्रवाई में देरी करने की सिर्फ एक चाल है।

न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि वह मुख्य न्यायाधीश के रूप में इससे जुड़े हुए हैं, क्योंकि देश में विधि के शासन का दावा किया जाता है। पीठ ने कहा कि आप किसी भी मामले में मध्यस्थता कार्यवाही में पारित होने वाले अंतिम फैसले को चुनौती दे सकते हैं, लेकिन तब तक हम यह सुनिश्चित करेंगे कि मध्यस्थता कार्यवाही जारी रहे। दिल्ली उच्च न्यायालय ने हाल ही में रिलायंस रिटेल के साथ फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (एफआरएल) के 24,731 करोड़ रुपये के विलय सौदे को लेकर अमेजन और फ्यूचर समूह के बीच चल रहे कानूनी विवाद पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
 
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