पूर्व मीडिया कारोबारी पीटर मुखर्जी के बेटे राहुल मुखर्जी ने शीना बोरा हत्या मामले की सुनवाई कर रही विशेष अदालत में गुरुवार को कहा कि उन्हें अब भी लगता है कि उनके पिता निर्दोष हैं। सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश एस. पी. नाइक-निंबालकर के समक्ष मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी के वकील रंजीत सांगले उनसे जिरह कर रहे थे। इस मामले में इंद्राणी के पूर्व पति पीटर मुखर्जी को भी गिरफ्तार किया गया था। इंद्राणी समेत सभी आरोपी जमानत पर बाहर हैं।
शीना (24) की उसकी मां ने 2012 में सह-आरोपी संजीव खन्ना और उसके चालक श्यामवर राय की मदद से कथित तौर पर हत्या कर दी थी। हत्या का खुलासा 2015 में हुआ था। अधिवक्ता सांगले के एक सवाल का जवाब देते हुए राहुल ने कहा कि पीटर मुखर्जी की गिरफ्तारी के बाद भी उन्होंने लगातार मीडिया से कहा था कि मेरे पिता निर्दोष हैं। मामले के गवाह राहुल ने अदालत से कहा कि मैं अभी भी उसी रुख पर कायम हूं कि मेरे पिता निर्दोष हैं। मैं अब भी अपने पिता से प्यार करता हूं।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि वह अमेजन-फ्यूचर विवाद में सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र (एसआईएसी) की मध्यस्थता कार्रवाई को रोकने की इजाजत नहीं देगा। न्यायालय ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई की पवित्रता बनाए रखने की जरूरत है। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला की पीठ ने कहा कि आप (फ्यूचर समूह और अन्य) मध्यस्थता न्यायाधिकरण के समक्ष चल रही कार्रवाई को रोक नहीं सकते हैं और यह कार्रवाई में देरी करने की सिर्फ एक चाल है।
न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि वह मुख्य न्यायाधीश के रूप में इससे जुड़े हुए हैं, क्योंकि देश में विधि के शासन का दावा किया जाता है। पीठ ने कहा कि आप किसी भी मामले में मध्यस्थता कार्यवाही में पारित होने वाले अंतिम फैसले को चुनौती दे सकते हैं, लेकिन तब तक हम यह सुनिश्चित करेंगे कि मध्यस्थता कार्यवाही जारी रहे। दिल्ली उच्च न्यायालय ने हाल ही में रिलायंस रिटेल के साथ फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (एफआरएल) के 24,731 करोड़ रुपये के विलय सौदे को लेकर अमेजन और फ्यूचर समूह के बीच चल रहे कानूनी विवाद पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।